बिहार चुनाव 2025: बीजेपी ने पहली लिस्ट में मारा मास्टरस्ट्रोक

बिहार की सियासत में हलचल मच गई है — बीजेपी ने अपनी पहली उम्मीदवार सूची जारी कर दी है, लेकिन इसमें कई चौंकाने वाले नाम हैं, कौन हुआ शामिल, किसका कटा टिकट, और किस समीकरण पर खेला गया मास्टरस्ट्रोक, जानिए पूरी रिपोर्ट में।
News Desk 14 Oct 2025, 05:40 AM 1 min read
बिहार चुनाव 2025: बीजेपी ने पहली लिस्ट में मारा मास्टरस्ट्रोक


>बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की राजनीतिक सरगर्मियों के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मंगलवार को अपनी पहली उम्मीदवार सूची जारी कर दी। कुल 71 सीटों की इस सूची में पार्टी ने जातीय और सामाजिक समीकरणों को बारीकी से साधते हुए सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है।


>सूची में सबसे ज्यादा ओबीसी (OBC) और अतिपिछड़ा वर्ग (EBC) के उम्मीदवार शामिल हैं। बीजेपी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वह इस बार भी ‘संतुलित सामाजिक समीकरण’ के सहारे चुनावी मैदान में उतर रही है।


>बीजेपी की पहली लिस्ट में सामाजिक प्रतिनिधित्व का अनुपात काफी संतुलित है —


    >
  • 17 उम्मीदवार ओबीसी वर्ग से

  • 11 उम्मीदवार अतिपिछड़े वर्ग (EBC) से

  • 9 महिलाएं, जिन्हें विभिन्न क्षेत्रों से टिकट दिया गया

  • 6 उम्मीदवार अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय से


>पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी ने अपनी लिस्ट तैयार करते समय ‘हर समाज, हर वर्ग और हर इलाके’ का ध्यान रखा है। बीजेपी ने इस लिस्ट में अपने पुराने चेहरों पर भरोसा जताया है, वहीं कुछ वरिष्ठ नेताओं को टिकट से वंचित भी किया गया है।


    >
  • कुम्हरार सीट से अरुण सिन्हा और पटना साहिब सीट से नंदकिशोर यादव का टिकट काटा गया है।

  • प्रेम कुमार, जो 70 वर्ष के हैं, उन्हें फिर से गया सीट से मौका मिला है।

  • लोकसभा चुनाव में हार चुके नेताओं को विधानसभा में उतारा गया है - मिथिलेश तिवारी (बैकुठपुर) और रामकृपाल यादव (दानापुर) को टिकट मिला है।


>इस रणनीति से साफ है कि पार्टी अनुभव और संगठन के तालमेल पर जोर दे रही है।


>बीजेपी की लिस्ट में 9 महिला उम्मीदवारों को जगह मिली है। इनमें कुछ संगठन की सक्रिय कार्यकर्ता हैं, तो कुछ नए चेहरे भी शामिल किए गए हैं। पार्टी ने बिहार की महिला मतदाताओं को ध्यान में रखते हुए यह संदेश देने की कोशिश की है कि महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी अब पार्टी के एजेंडे का अहम हिस्सा है।


>विधान परिषद (MLC) में सक्रिय कई नेताओं को विधानसभा का मौका दिया गया है -


    >
  • सम्राट चौधरी को तारापुर से,

  • मंगल पांडे को सिवान से,

  • संजीव चौरसिया को दीघा से,

  • और रजनीश कुमार को तेघड़ा से उम्मीदवार बनाया गया है।


>पहले चर्चाओं में रही प्रसिद्ध लोकगायिका मैथिली ठाकुर का नाम इस पहली सूची में शामिल नहीं है। सूत्र बताते हैं कि पार्टी उनके नाम पर अभी भी विचार कर रही है, और संभव है कि उन्हें दूसरी सूची में किसी सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण सीट से उतारा जाए।


>बीजेपी ने अपने उम्मीदवार चयन में ‘सामाजिक प्रतिनिधित्व’ के साथ-साथ ‘विकास और अनुभव’ को भी प्रमुख मानदंड बनाया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पार्टी की यह रणनीति बिहार में विपक्षी गठबंधन के जातीय समीकरणों को चुनौती देने का प्रयास है।


>पार्टी की नीति साफ है “हर वर्ग का प्रतिनिधित्व, हर क्षेत्र का विकास।”


>पहली लिस्ट जारी करते हुए बीजेपी ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले चुनाव में उसकी रणनीति “सामाजिक संतुलन + विकास के एजेंडे” पर केंद्रित रहेगी। यह लिस्ट केवल नामों का ऐलान नहीं, बल्कि एक राजनीतिक संदेश भी है कि बीजेपी बिहार में सत्ता की दौड़ सिर्फ राजनीतिक समीकरणों से नहीं, बल्कि सामाजिक समावेशन के सहारे जीतना चाहती है।

← Previous Story Next Story →

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें


Related News

खान सर और तीन स्टाफ को मिली राहत, अब 25 जून को होगी अहम सुनवाई
नुसरत करेंगी ज्वाइन नौकरी पर क्या हिजाब विवाद पर खत्म होगी राजनीती ?
नितीश कुमार के हिजाब मामले पर क्या बोले नुसरत के कॉलेज प्रिंसिपल
नितिन नबीन के इस्तीफे के बाद झट से हुआ विभागों का बंटवारा
नितीश कुमार पर इकरा हसन और प्रियंका चतुर्वेदी ने दी प्रतिक्रिया
सीवान सड़क हादसा: गश्ती के दौरान BSAP जवान की मौत
कांग्रेस के पूर्व विधायक शकील अहमद खान ने दिया विवादित बयान, अमित शाह पर लगाए गंभीर आरोप
बिहार में विधायकों और MLC को 8,300 रुपये मिलेगा मासिक टेलीफोन भत्ता, राज्यपाल ने 11 बिलों को मंजूरी दी
तेजस्वी यादव राज्यपाल के अभिभाषण से अनुपस्थित, एनडीए ने उठाए सवाल