>नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने जनसुनवाई के दौरान बिजली विभाग को निर्देश दिए हैं कि किसी भी बिजली खंभे या तार को लगाने से पहले जमीन मालिकों की सहमति लेना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि इससे अनावश्यक विवादों और शिकायतों से बचा जा सकेगा।
>मंत्री शर्मा ने अपने आवास पर हुई जनसुनवाई में जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को आदेश दिया कि सीवर लाइन, सड़क निर्माण, विद्युत बिल सुधार और अन्य स्थानीय समस्याओं का तत्काल और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
>विद्युत विभाग से संबंधित मामलों में मंत्री ने विशेष ध्यान देने और खंभे व तार लगाने से पहले जमीन मालिकों से सहमति लेने पर जोर दिया। उनका कहना था कि इस तरह के नियम पालन से न केवल जनता को राहत मिलेगी, बल्कि विभागीय कामकाज में भी पारदर्शिता और विश्वास बढ़ेगा।
>जन सुनवाई में उपस्थित नागरिकों ने मंत्री को सड़कों की मरम्मत, सीवर लाइन और बिजली बिलों में सुधार के लिए कई सुझाव दिए। इसके बाद मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी शिकायतों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और जनता को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
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