Census 2027: यूपी में 10 अप्रैल तक पहले चरण की तैयारी पूरी करने के निर्देश

डिजिटल मोड में होगी जनगणना, 5.5 लाख गणनाकर्ताओं का डाटाबेस तैयार करने पर जोर
Bureau 08 Apr 2026, 07:43 PM 1 min read
Census 2027: यूपी में 10 अप्रैल तक पहले चरण की तैयारी पूरी करने के निर्देश

उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 के पहले चरण की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सम्बंधित अधिकारियों को 10 अप्रैल तक सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इसमें गणनाकर्ताओं और पर्यवेक्षकों का डिजिटल डाटाबेस तैयार करना प्रमुख रूप से शामिल है।

 

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस समीक्षा बैठक में मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में पहले चरण के तहत होने वाली हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग एन्यूमरेशन पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। इस दौरान भारत के रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण भी शामिल हुए और उन्होंने कार्यान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

 

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों, झुग्गी-झोपड़ियों और अधिक आवाजाही वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जाए, ताकि गणना पूरी तरह सटीक और व्यापक हो सके। उन्होंने लगभग 5.5 लाख गणनाकर्ताओं और पर्यवेक्षकों का सत्यापित एवं अपडेटेड डिजिटल डाटाबेस 10 अप्रैल तक तैयार करने के निर्देश दिए।

 

सभी गणनाकर्ताओं और पर्यवेक्षकों के लिए अनिवार्य प्रशिक्षण कार्यक्रम 16 अप्रैल से 7 मई के बीच आयोजित किया जाएगा। इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही अधिकारियों को स्पष्ट सीमाओं के साथ एन्यूमरेशन ब्लॉक्स का सटीक निर्धारण करने और जियो-टैगिंग व मैपिंग कार्य के लिए तकनीकी सहायकों की नियुक्ति में तेजी लाने को कहा गया है।

 

7 से 21 मई तक सेल्फ-एन्यूमरेशन की सुविधा: आगामी जनगणना में नागरिकों को स्वयं जानकारी दर्ज करने की सुविधा भी दी जाएगी। इसके तहत उत्तर प्रदेश में सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल 7 मई से 21 मई 2026 तक खुला रहेगा, जिसमें लोग अपने परिवार से संबंधित जानकारी स्वयं भर सकेंगे।

 

पूरी तरह डिजिटल होगी जनगणना 2027: बैठक में जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने कहा कि जनगणना देश की विकास नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और इसे जनभागीदारी के साथ एक जनआंदोलन के रूप में संचालित किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 पूरी तरह डिजिटल माध्यम से होगी, जिसमें डेटा संग्रह, प्रविष्टि, सत्यापन और निगरानी सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए की जाएगी।

 

पहला चरण मई-जून 2026, दूसरा फरवरी 2027 में: जनगणना निदेशक शीतल वर्मा ने प्रस्तुतीकरण के दौरान बताया कि पहला चरण, जिसमें हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना शामिल है, 22 मई से 20 जून 2026 तक चलेगा। वहीं, दूसरा चरण यानी जनसंख्या गणना 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 के बीच संपन्न होगी। बैठक में प्रमुख सचिव अपर्णा यू, प्रमुख सचिव मनीष चौहान और सचिव अभिषेक प्रकाश सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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