पीर बाबा नहीं, धर्मांतरण माफिया निकला छांगुर: लग्जरी कोठी, विदेशी कुत्ते और घोड़े ATS के कब्जे में

छांगुर बाबा का धर्मांतरण सिंडिकेट बेनकाब: ATS जांच में विदेशी फंडिंग, माफिया कनेक्शन और लग्ज़री जिंदगी का खुलासा
News Desk 10 Jul 2025, 08:55 AM 1 min read
पीर बाबा नहीं, धर्मांतरण माफिया निकला छांगुर: लग्जरी कोठी, विदेशी कुत्ते और घोड़े ATS के कब्जे में


>उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले से निकला छांगुर उर्फ जलालुद्दीन अब धर्मांतरण माफिया के रूप में देशभर में चर्चाओं में है। खुद को ‘पीर बाबा’ कहलवाने वाला ये शख्स पिछले 15 वर्षों से धर्मांतरण का सुनियोजित नेटवर्क चला रहा था। अब ATS की गिरफ्त में आने के बाद उसके विदेशी फंडिंग, माफिया कनेक्शन और करोड़ों की संपत्ति का चौंकाने वाला जाल खुल रहा है।

माफिया कनेक्शन और जमीन सौदों में विदेशी फंड


>ATS की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि छांगुर का मुख्तार अंसारी गैंग से गहरा संबंध रहा है। उसे धर्मांतरण के नाम पर विदेशों से मोटी रकम मिलती थी, जिसे वह बलरामपुर समेत पूर्वांचल में जमीन खरीदने में लगाता था। सूत्रों के मुताबिक, इस फंडिंग में मुख्तार गैंग के कुछ लोग और दो वकील उसकी सक्रिय मदद कर रहे थे।

छांगुर और गर्लफ्रेंड नसरीन ATS रिमांड पर


>ATS ने 4 जुलाई को लखनऊ के एक होटल से छांगुर और उसकी गर्लफ्रेंड नसरीन को गिरफ्तार किया था। दोनों को 7 दिन की रिमांड पर लिया गया है। ATS प्रमुख अमिताभ यश के अनुसार, इस मामले में दर्ज FIR की प्रति प्रवर्तन निदेशालय (ED) को सौंप दी गई है। अब छांगुर के नेटवर्क, ट्रांजैक्शन, विदेशी लिंक और राजनीतिक संबंधों की विस्तृत जांच की जा रही है।

धर्मांतरण के नाम पर आलीशान कोठी, लग्जरी जीवन


>धर्मांतरण के जरिए कमाए गए धन से छांगुर ने एक 40 कमरों की आलीशान कोठी बना रखी थी, जिसमें विदेशी बाथरूम फिटिंग्स, घोड़े, और छह जर्मन शेफर्ड कुत्ते रखे गए थे। सिर्फ तीन कमरे आम लोगों के लिए खुले थे, बाकी में विशेष व्यक्तियों का आना-जाना था।


>बलरामपुर प्रशासन ने दो दिन की कार्रवाई में उसकी 1500 स्क्वायर फीट अवैध निर्माण ध्वस्त किया है। कार्रवाई के दौरान महंगे घोड़े, विदेशी कुत्ते और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बरामदगी हुई।

छांगुर की ठगी से धर्मांतरण तक की यात्रा


>छांगुर के बाएं हाथ में छह उंगलियां हैं, जिससे उसका नाम पड़ा। शुरुआत में कपड़े और अंगूठियां बेचता था, फिर प्रधानी का चुनाव लड़वाकर बीवी को जिताया, पैसे आए और धीरे-धीरे लोगों के दुःख दूर करने के नाम पर ‘पीर बाबा’ बन गया। इसके बाद शुरू हुआ धर्मांतरण का खेल — किसी को डराकर, किसी को ब्रेनवॉश कर, और किसी पर झूठे मुकदमे करवा कर मजबूरी में मजहब बदलवाया जाता था।

अब ATS की जांच के घेरे में ये बड़े सवाल

  • धर्मांतरण के लिए फंडिंग किन खाड़ी देशों से आई?
  • क्या इसमें कोई राजनीतिक या अंतरराष्ट्रीय गठजोड़ शामिल है?
  • किन-किन जिलों और राज्यों में फैला है यह नेटवर्क?
  • कितने लोगों का जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया?
  • प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत की क्या भूमिका रही?

अमिताभ यश ने दिया बड़ा संकेत


>ATS प्रमुख ने कहा है कि छांगुर और उसके नेटवर्क से जुड़े संपत्ति के दस्तावेज और संपर्कों की गहन जांच चल रही है। जिन  संपत्तियों को अवैध रूप से अर्जित किया गया है, उनके खिलाफ ध्वस्तीकरण और कानूनी कार्रवाई तय है।

← Previous Story Next Story →

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें


Related News

अलीगंज अग्निकांड के बाद केजीएमयू पहुंचे अखिलेश यादव, पीड़ित परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये की मदद की मांग
15 मौतों के बाद खुलीं पुरानी फाइलें, रिपोर्ट में सामने आए 1043 भवनों से जुड़े तथ्य
मोमबत्तियों की रोशनी में नम हुई आंखें, छात्रों की याद में निकला कैंडल मार्च
रात 3:30 बजे चीखों से टूटी लोगों की नींद, छत पर पहुंचते ही सामने था खून से लथपथ मां का चेहरा
'दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेंगे'... बलिदान दिवस पर CM योगी ने याद किया डॉ. मुखर्जी का संदेश
अब बीएसबी स्कूलों के छात्रों के रिकॉर्ड भी राष्ट्रीय व्यवस्था से जुड़ेंगे, यूपी सरकार ने तेज की बड़ी प्रक्रिया
जिस इमारत में गईं 15 जानें, अब उसी पर बुलडोजर की तैयारी? 2016 का आदेश फिर चर्चा में
लखनऊ अग्निकांड के बाद सवालों की बौछार, संसद से बुलडोजर कार्रवाई तक तेज हुई सियासत
2016 में गिराने का आदेश हुआ था, फिर 15 लोगों की जान लेने वाली इमारत कैसे बची रही?