>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवरात्र और अन्य आगामी त्योहारों को लेकर कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक की और प्रदेश में सुरक्षा व शांति बनाए रखने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री ने उपद्रवियों, अराजक तत्वों और शोहदों पर कड़ी कार्रवाई करने की आवश्यकता पर जोर दिया और पुलिस को स्पष्ट कहा कि ऐसे तत्वों से उन्हीं की भाषा में निपटा जाए। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने पुलिस को खुली छूट दी ताकि कोई भी दोषी तत्व बख्शा न जाए।
>बैठक में मुख्यमंत्री ने हाल की गंभीर घटनाओं पर नाराजगी जताई, जिनमें गोरखपुर में पशु तस्करों के छात्र की हत्या, गाजीपुर में पुलिस पिटाई से युवक की मौत, बरेली में अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर फायरिंग, और मेरठ के सलावा गांव में सांप्रदायिक तनाव शामिल हैं। उन्होंने अधिकारियों को हर जिले में त्योहारों के दौरान सतर्क रहने और संभावित शरारती तत्वों पर नजर रखने के निर्देश दिए।
>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर में पुलिसकर्मियों और पशु तस्करों के बीच कथित साठगांठ पर भी नाराजगी जताई और स्पष्ट कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वाराणसी में बार-बार सतर्कता बरतने के बावजूद शिकायतें मिलने पर उन्होंने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को विशेष सतर्क रहने के लिए कहा। सीएम योगी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नवरात्र और अन्य त्योहारों की सुरक्षा योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि पूजा पंडालों और सार्वजनिक स्थानों पर सादे लिबास में पुलिसकर्मी मुस्तैद रहें। महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध किए जाएं और शरारती तत्वों पर नजर रखी जाए।
>मुख्यमंत्री ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए मिशन शक्ति अभियान जारी रहेगा। इस अभियान का पांचवां चरण 22 सितंबर से शुरू होगा और एक माह तक चलेगा। अभियान के तहत एंटी रोमियो स्क्वाड की तैनाती, महिला पुलिसकर्मियों की बाइक रैली और ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम होंगे। अभियान के दौरान अच्छा प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को सम्मानित भी किया जाएगा।
>अन्य दिशा-निर्देश:
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पिछले एक माह की घटनाओं की समीक्षा कर उपद्रवियों को पाबंद करना।
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माहौल बिगाड़ने वाले तत्वों पर पूरी सख्ती।
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इंटरनेट मीडिया पर चौकसी बढ़ाना और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई।
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शहरों में ट्रैफिक और साफ-सफाई योजना सुनिश्चित करना।
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मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों में पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्था।
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बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत किट, सूखा खाद्य और आवासीय पट्टे सुनिश्चित करना।
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किसानों को समय पर खाद्य सामग्री और उर्वरक उपलब्ध कराना।
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जनशिकायतों का समयबद्ध निस्तारण।
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शहर और ग्रामीण स्तर पर महिला सुरक्षा और जागरूकता कार्यक्रम।
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>मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था सतत संवाद, सभी वर्गों का सहयोग और मजबूत प्रशासनिक टीमवर्क का परिणाम है। उन्होंने अधिकारियों से आगामी त्योहारों, जैसे शारदीय नवरात्रि, विजयादशमी, दीपोत्सव, काशी की देव दीपावली और छठ महापर्व, के दौरान शांति, सुरक्षा और सुशासन बनाए रखने के लिए पूरी तैयारी करने को कहा। सीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि शांति और सुरक्षा के लिए यह समय संवेदनशील है, इसलिए सभी जिलों में पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहें और किसी भी शरारती गतिविधि को तुरंत रोका जाए।
>बैठक में प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद, डीजीपी राजीव कृष्ण, सभी मंडलायुक्त, डीएम, एडीजी जोन, पुलिस आयुक्त, आइजी व डीआइजी रेंज समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने विभागों की तैयारियों की जानकारी लेकर अधिकारियों को आगामी त्योहारों में जनसहयोग और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देश दिए।
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