समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर बनी फिल्म “द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ अजय” पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज की फिल्मों में राजनीति का प्रवेश हो गया है, जबकि पहले की फिल्में इंसानियत, भाईचारा और दोस्ती का संदेश देती थीं।
डॉ. एसटी हसन ने कहा कि फिल्मों को सकारात्मक संदेश देना चाहिए, न कि राजनीतिक एजेंडे के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि पहले की फिल्मों में बड़े-बुजुर्गों का सम्मान, गुरु और माता-पिता के प्रति सम्मान जैसी सीखें दी जाती थीं, जो समाज में भाईचारे और सह-अस्तित्व को बढ़ावा देती थीं।
सपा नेता ने चिंता जताते हुए कहा, “अब फिर से हिंदू-मुस्लिम की राजनीति फिल्मों में घुस गई है। कभी कश्मीर फाइल्स बनती है, कभी उदयपुर फाइल। मेरा मानना है कि इन फिल्मों से राजनीति को दूर रखना चाहिए, क्योंकि यह क्षेत्र उनका नहीं है।”
बरेली के शहाबुद्दीन सिद्दीकी द्वारा जारी फतवे पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. हसन ने कहा कि उन्होंने फिल्म देखी नहीं है, लेकिन सुना है कि इसमें किसी प्रकार की अश्लील या इस्लाम विरोधी सामग्री नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिल्म देखने में कोई बुराई नहीं है और इसका उद्देश्य केवल सीएम योगी पर आधारित कहानी दिखाना है।
पूर्व सांसद ने यह भी जोड़ा कि उनका मकसद देश में हिंदू-मुस्लिम भाईचारे को बनाए रखना है। उन्होंने कहा, “हमारे देश को नुकसान पहुंच सकता है अगर फिल्मों के माध्यम से समुदायों में विभाजन पैदा किया जाए। सभी को बराबरी का हक और न्याय मिलना चाहिए।”
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