मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब समाज, सरकार और संस्थाएं एक दिशा में सोचकर काम करती हैं तो उसका परिणाम विश्वास के रूप में सामने आता है। उन्होंने कहा कि विश्वास ही किसी भी समाज की सबसे बड़ी पूंजी होती है और उत्तर प्रदेश आज इसी विश्वास का प्रतीक बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री शनिवार को आगरा में यथार्थ हॉस्पिटल के लोकार्पण के बाद आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य से बढ़कर कोई संपदा नहीं है और प्रत्येक नागरिक को सस्ती, सुलभ और विश्वसनीय स्वास्थ्य सुविधा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हर संप्रभु देश का दायित्व है कि वह अपने नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराए।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते वर्षों में देश में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत तेजी से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। देश में हाईवे, एक्सप्रेसवे, मेट्रो, नई रेलवे लाइनों और आधुनिक तकनीकों का तेजी से विस्तार हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अपने स्तर पर स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए काम कर रही है, लेकिन जब सरकार और समाज मिलकर प्रयास करते हैं तो परिणाम कई गुना बढ़ जाते हैं। उन्होंने निजी क्षेत्र को स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश के लिए आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के लिए सरकार नई नीतियां लेकर आ रही है।
उन्होंने यथार्थ ग्रुप से किसी जनपद में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लिए आगे आने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल काउंसिल की शर्तों को सरल किया गया है और यह समय नए मेडिकल संस्थानों की स्थापना के लिए अनुकूल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में केवल 17 मेडिकल कॉलेज थे, जबकि वर्तमान में 81 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ का माहौल था, जबकि वर्तमान सरकार हर जनपद को ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज’ की दिशा में आगे बढ़ा रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में रायबरेली और गोरखपुर में दो एम्स संचालित हो रहे हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रदेश में 5.60 करोड़ से अधिक लोगों को गोल्डन कार्ड जारी किए जा चुके हैं और यह संख्या जल्द ही 10 करोड़ तक पहुंचने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक जनपद में फ्री डायलिसिस और सीटी स्कैन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री राहत कोष से भी 1300 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि आईआईटी कानपुर और एसजीपीजीआई लखनऊ में मेडटेक के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जा रहे हैं। ललितपुर में 1500 एकड़ में फार्मा पार्क और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में 350 एकड़ में मेडिकल डिवाइस पार्क स्थापित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस जैसी गंभीर बीमारी पर नियंत्रण पाया गया है। राज्य सरकार केंद्र सरकार के साथ मिलकर डेंगू, कालाजार, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए सर्विलांस कार्यक्रम को भी मजबूत कर रही है। कार्यक्रम में संत विजय कौशल महाराज, केंद्रीय मंत्री एवं आगरा सांसद प्रो. एसपी सिंह बघेल, भाजपा प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल, कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य और योगेंद्र उपाध्याय सहित अनेक जनप्रतिनिधि और यथार्थ ग्रुप के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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