>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एसजीपीजीआई में आयोजित इंडियन सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलॉजी के 54वें वार्षिक अधिवेशन ISNCON-2025 में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने किडनी रोगों की रोकथाम, अनुसंधान और जन-जागरूकता पर बल दिया।
>मुख्यमंत्री ने इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलॉजी द्वारा साउथ एशिया रीजन से प्रो. अमित गुप्ता को प्रदान किए गए ISN पायनियर अवॉर्ड समेत चिकित्सकों को लाइफ टाइम अचीवमेंट और एफआईएसएन अवॉर्ड प्रदान किए। उन्होंने ISNCON-2025 की डिजिटल स्मारिका का भी विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्रॉनिक किडनी डिजीज एक गंभीर और बढ़ती हुई चुनौती है, जिससे कुल आबादी का लगभग 10 प्रतिशत प्रभावित है। उन्होंने नियमित और संयमित दिनचर्या, स्वच्छ जल सेवन और संतुलित खानपान को आवश्यक बताया।
>उन्होंने राज्य की स्वास्थ्य सुविधाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत 5.5 करोड़ गोल्डन कार्ड जारी किए गए हैं और सीएम राहत कोष से एक वर्ष में 1,300 करोड़ रुपये उपचार हेतु उपलब्ध कराए गए हैं। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विशेषज्ञ चिकित्सक और देश-विदेश से आए प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें