>उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन राजनीतिक माहौल गरमाया रहा। प्रतापगढ़ की रामपुर खास सीट से कांग्रेस विधायक अराधना मिश्रा मोना ने कोडीन कफ सिरप मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच कराने की मांग की और बुलडोजर कार्रवाई पर सवाल खड़े किए।
>विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान अराधना मिश्रा मोना ने कहा कि कोडीन कफ सिरप से जुड़ा मामला बेहद गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह प्रकरण केवल स्थानीय स्तर की जांच से सुलझने वाला नहीं है और इसमें बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की आशंका है। विधायक ने कहा कि यदि सरकार पारदर्शिता को लेकर गंभीर है तो CBI जांच से पीछे नहीं हटना चाहिए।
>बुलडोजर कार्रवाई के संदर्भ में उन्होंने कहा कि पहले भी कई मामलों में जल्दबाजी में की गई कार्रवाई पर बाद में सवाल उठे हैं। उनका कहना था कि किसी भी कार्रवाई से पहले तथ्यों की पूरी जांच होनी चाहिए और केवल दबाव या माहौल के आधार पर कदम नहीं उठाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति के साथ फोटो सामने आ जाने मात्र से उसे आरोपी नहीं ठहराया जा सकता।
>अराधना मिश्रा ने बहराइच में गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने के मामले पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि आदेश किसके निर्देश पर दिया गया और क्या निर्धारित प्रक्रिया का पालन हुआ। भाजपा के अंदरूनी विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने इसे पार्टी का आंतरिक विषय बताया।
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