>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक बार फिर जनता के बीच अपनी संवेदनशील और ज़मीन से जुड़ी नेतृत्व शैली का परिचय देते नज़र आए। सोमवार को मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास पर ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम के तहत प्रदेश भर से आए 50 से अधिक पीड़ितों की समस्याएं स्वयं सुनीं, उनसे सीधे संवाद किया और संबंधित अधिकारियों को तत्काल व संतोषजनक निस्तारण के निर्देश दिए।
>सीएम योगी ने साफ संदेश दिया - "हर पीड़ित की मदद सरकार की जिम्मेदारी है। कोई भी अकेला नहीं है, सरकार हर ज़रूरतमंद के साथ खड़ी है।"
>दिव्यांग को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल दिलाने का निर्देश
>जनता दर्शन के दौरान एक दिव्यांग नागरिक ने जब अपनी समस्या मुख्यमंत्री के सामने रखी, तो उन्होंने तत्काल मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल दिलाने के निर्देश दिए। योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को ताकीद किया कि किसी भी शिकायत का निस्तारण न केवल जल्दी हो, बल्कि इतना प्रभावी हो कि व्यक्ति संतुष्ट हो सके।
>हर विभाग से जुड़ी समस्याएं आईं सामने
>इस दौरान जनता की ओर से पुलिस, राजस्व, शिक्षा, रोजगार, चिकित्सा, भूमि विवाद, पारिवारिक संघर्ष जैसे मामलों से संबंधित प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए गए। मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से सभी पत्रों को देखा, पढ़ा और संबंधित अधिकारियों को उनके समाधान हेतु निर्देश दिए। उन्होंने दोहराया कि "प्रदेश के हर नागरिक की सेवा और सुरक्षा हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।"
>बच्चों से मिले सीएम, टॉफी देकर दिया आशीर्वाद
>जनता दर्शन में कई अभिभावकों के साथ छोटे बच्चे भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने इन बच्चों से आत्मीयता से बात की, उनके स्कूल, पढ़ाई और खेल के बारे में पूछा। बच्चों को चॉकलेट और टॉफी भेंट कर उन्होंने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
>सरकार का स्पष्ट संदेश: जनभावनाओं का सम्मान, समाधान का संकल्प
>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह कदम न केवल प्रशासन को अधिक संवेदनशील और उत्तरदायी बनाता है, बल्कि यह जनता को भरोसा भी दिलाता है कि सरकार उनके साथ है। हर व्यक्ति की आवाज़ सुनी जाएगी और न्याय दिया जाएगा। ‘जनता दर्शन’ न केवल संवाद का माध्यम है, बल्कि "जन सेवा और जन समाधान" का जीवंत प्रतीक बन चुका है।
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें