नई दिल्ली, 17 सितंबर 2026: दिल्ली के त्रिलोकपुरी इलाके में सफाईकर्मी दीपक की मौत के मामले में आम आदमी पार्टी के पार्षद विजय कुमार के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। कल्याणपुरी थाना पुलिस ने 14 सितंबर 2026 को एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कानूनी राय लेने के बाद कार्रवाई की।
मामले को लेकर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने प्रेसवार्ता में आम आदमी पार्टी के पार्षद विजय कुमार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सफाईकर्मी दीपक ने मकान बनवाने के लिए मदद मांगी थी और इसी सिलसिले में 15 लाख रुपये के ऋण तथा बैंक खाते से जुड़े लेनदेन का विवाद सामने आया।
हालांकि, ये आरोप भाजपा की ओर से लगाए गए हैं। दूसरी ओर, उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार पार्षद विजय कुमार ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है और कहा है कि उन्होंने किसी कर्मचारी को ऋण नहीं दिलवाया। उन्होंने खुद को मामले में गलत तरीके से फंसाए जाने की बात कही।
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भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा के अनुसार, दीपक त्रिलोकपुरी वार्ड में कई वर्षों से नगर निगम के सफाईकर्मी के तौर पर काम कर रहे थे। उन्होंने अपने परिवार के लिए मकान बनाने की इच्छा जताई थी और इस संबंध में स्थानीय पार्षद विजय कुमार से मदद मांगी थी।
मल्होत्रा का आरोप है कि लगभग एक वर्ष पहले पार्षद ने दीपक को मकान दिलाने की बात कहते हुए करीब 15 लाख रुपये का ऋण दिलवाया और यह राशि अपने खाते में स्थानांतरित करा ली। भाजपा के अनुसार, दीपक की हस्ताक्षरित बैंक चेक बुक भी पार्षद के पास थी।
आरोप के मुताबिक, इसके बाद कई महीनों तक दीपक के वेतन से संबंधित रकम भी उनके खाते से निकाली जाती रही। भाजपा ने दावा किया कि जब दीपक ने रकम या मकान के संबंध में जानकारी मांगी तो उन पर दबाव बनाया गया।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच के दौरान लेनदेन, बैंक रिकॉर्ड और अन्य संबंधित दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण होगी।
मामले में सबसे प्रमुख आरोप 15 लाख रुपये के ऋण और उसके बाद हुए आर्थिक लेनदेन से जुड़ा है। भाजपा की ओर से दावा किया गया है कि दीपक ने मकान बनवाने के उद्देश्य से सहायता मांगी थी और इसी दौरान ऋण की राशि पार्षद से जुड़े खाते में पहुंची।
भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि रकम वापस मांगने पर दीपक पर दबाव बनाया गया और उनसे कमीशन की मांग की गई।
दूसरी तरफ, उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक पार्षद विजय कुमार ने इन आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने किसी सफाईकर्मी को ऋण नहीं दिलाया और उन्हें इस मामले में गलत तरीके से फंसाया जा रहा है।
इसलिए मामले में आरोपों और स्थापित तथ्यों के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है। एफआईआर दर्ज होना जांच की शुरुआत है और इससे किसी आरोप का अंतिम रूप से साबित होना नहीं माना जाता।
भाजपा अध्यक्ष के अनुसार, आर्थिक परेशानियों के बीच दीपक ने 1 सितंबर 2026 को आत्महत्या कर ली। उनके परिवार ने मामले को लेकर पुलिस से शिकायत की थी।
भाजपा का कहना है कि मामला उसके नेताओं के संज्ञान में आने के बाद पार्टी के स्थानीय नेताओं की चार सदस्यीय टीम ने परिवार से संपर्क किया और उन्हें पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के लिए सहायता दी।
टीम में विधायक रविकांत और रविंद्र नेगी, पार्षद प्रियंका गौतम तथा पूर्व उपमहापौर राजकुमार ढिल्लो के शामिल होने की बात कही गई है।
मामले में 14 सितंबर 2026 को कल्याणपुरी थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने पार्षद विजय कुमार के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित प्रावधान के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
एफआईआर दर्ज होने के बाद अब जांच एजेंसी की भूमिका मामले में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करने की है। बैंक लेनदेन, ऋण से संबंधित दस्तावेज, चेक बुक, मृतक और आरोपी के बीच संपर्क तथा परिवार की शिकायत समेत अन्य तथ्यों की जांच की जा सकती है।
मामले में पार्षद विजय कुमार की ओर से आरोपों को खारिज किया गया है। उपलब्ध रिपोर्ट में उनके हवाले से कहा गया है कि उन्होंने किसी कर्मचारी को ऋण नहीं दिलवाया और उन्हें गलत तरीके से मामले में फंसाया जा रहा है।
पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के समर्थन में कौन-कौन से साक्ष्य सामने आते हैं और मामले में आगे क्या कानूनी कार्रवाई होती है।
प्रेसवार्ता में हर्ष मल्होत्रा ने आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं अरविंद केजरीवाल, सौरभ भारद्वाज और कुलदीप कुमार का भी उल्लेख किया। उन्होंने मांग की कि पार्टी अपने पार्षद विजय कुमार के खिलाफ कार्रवाई करे।
मल्होत्रा ने यह भी कहा कि त्रिलोकपुरी के विधायक कुलदीप कुमार अनुसूचित जाति के मुद्दों को लेकर अपनी राजनीतिक भूमिका रखते हैं और उन्हें इस मामले में पार्षद के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
ये बयान भाजपा की ओर से दिए गए राजनीतिक आरोप और मांगें हैं। इन आरोपों पर संबंधित आम आदमी पार्टी नेताओं की ओर से प्रतिक्रिया उपलब्ध कराई गई सामग्री में दर्ज नहीं है।
एफआईआर दर्ज होने के बाद मामले की जांच पुलिस के स्तर पर जारी है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहा जा सकता है कि मामला सफाईकर्मी दीपक की मौत और पार्षद विजय कुमार के खिलाफ लगाए गए आरोपों से जुड़ा है।
आर्थिक लेनदेन से जुड़े आरोपों और दीपक की मौत के बीच संबंध की जांच पुलिस द्वारा की जानी है। बैंक रिकॉर्ड, ऋण संबंधी दस्तावेज, शिकायत में लगाए गए आरोप और अन्य साक्ष्य जांच का हिस्सा हो सकते हैं।
एफआईआर दर्ज होना किसी व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोपों का न्यायिक रूप से सिद्ध होना नहीं है। मामले में अंतिम स्थिति जांच और उसके बाद की कानूनी प्रक्रिया से स्पष्ट होगी।
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