>दिल्ली के सेंट्रल पार्क में आयोजित दिल्ली AI ग्राइंड कार्यक्रम में भारतीय एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने छात्रों से बातचीत की। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को AI और स्पेस टेक्नोलॉजी से जोड़ना था।
>शुभांशु शुक्ला ने कहा कि एविएशन, स्पेस साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब एक-दूसरे के पूरक हैं और आधुनिक स्पेस मिशन पूरी तरह AI पर निर्भर होते जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि भविष्य के एयरक्राफ्ट, ड्रोन, सुरक्षा प्रणालियाँ और अंतरिक्ष परियोजनाएँ AI की सहायता से तेजी से विकसित होंगी। छात्रों से संवाद के दौरान उन्होंने स्पेस मिशनों में बड़े डेटा विश्लेषण की चुनौतियों और AI की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।
>अपने अनुभव साझा करते हुए शुक्ला ने शून्य गुरुत्वाकर्षण के प्रभावों का उल्लेख किया और कहा कि AI अपनाने से भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में मजबूत कदम रख सकता है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि AI पारंपरिक कल्पनाओं से आगे है और भारत की युवा आबादी देश की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने दिल्ली के स्कूलों के प्रदर्शन की सराहना की और प्रदूषण नियंत्रण में जनभागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया।
>कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने AI Grind का जिंगल भी प्रस्तुत किया। शुक्ला के 2025 में Axiom Mission 4 के तहत ISS जाने की उपलब्धि का भी उल्लेख किया गया, जिसमें उन्होंने 18 दिनों तक वैज्ञानिक प्रयोग किए थे।
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