>दिल्ली मेट्रो से जून 2025 में अपहृत डेढ़ महीने के नवजात बच्चे को दिल्ली पुलिस ने सात महीने बाद सुरक्षित बरामद कर लिया। पुलिस ने इस तस्करी मामले में मुख्य महिला आरोपी सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
>दिल्ली पुलिस के अनुसार, 4 जून 2025 को सीलमपुर मेट्रो स्टेशन पर एक महिला ने बच्चे की मां को बहला-फुसलाकर नवजात को अगवा किया था। पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ, लेकिन लंबे समय तक आरोपी का कोई सुराग नहीं मिला। बाद में केस को मेट्रो यूनिट को हस्तांतरित किया गया, जिसने विस्तृत तकनीकी और मैदानी जांच शुरू की।
>जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी देवकी लगातार स्थान बदल रही थी। पुलिस ने उसे उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में एक किराए के मकान से गिरफ्तार किया। पूछताछ में देवकी ने बच्चे को मंजी के कहने पर अगवा करने की बात स्वीकार की। पुलिस के अनुसार, बच्चे को दिल्ली के आर्य नगर में 1.5 लाख रुपये में बेचा गया था, जिसमें दलाली की भूमिका शीला ने निभाई थी।
>बच्चे को खरीदने वाले दंपत्ति धीर सिंह और उनकी पत्नी बनीता को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर बच्चे को बनीता के पास से बरामद किया और प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे परिवार को सौंप दिया। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है।
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