राजधानी दिल्ली के मध्य जिले के न्यू राजिंदर नगर इलाके में गुरुवार सुबह दो बुजुर्ग महिलाओं के शव उनके घर के अंदर संदिग्ध हालत में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतकों की पहचान 80 वर्षीय चंद्रकांता और 80 वर्षीय सरोज बाला के रूप में हुई है। दोनों रिश्ते में भाभी-ननद थीं और लंबे समय से एक साथ रह रही थीं।
पुलिस के अनुसार, सुबह करीब 10:30 बजे सूचना मिली कि मकान नंबर आर-852 से तेज बदबू आ रही है। सूचना घर के बाहरी हिस्से की सफाई करने वाली घरेलू सहायिका ने दी थी। उसने बताया कि घर के सभी दरवाजे अंदर से बंद थे और भीतर से बदबू आ रही थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर घर के अंदर दाखिल हुई। जांच के दौरान एक कमरे में दोनों महिलाओं के शव मिले। चंद्रकांता का शव बिस्तर पर पड़ा था, जबकि सरोज बाला का शव बिस्तर के नीचे फर्श पर मिला। गर्मी के कारण शवों से बदबू आने लगी थी।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को घर में जबरन घुसने, लूटपाट या तोड़फोड़ के कोई संकेत नहीं मिले हैं। घर का सामान भी सुरक्षित पाया गया। इसके बावजूद पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। जांच में सामने आया है कि सरोज बाला अविवाहित थीं और चलने-फिरने में असमर्थ थीं, जबकि चंद्रकांता अस्थमा की मरीज थीं। दोनों की देखभाल के लिए दो घरेलू सहायिकाएं रखी गई थीं, जो सुबह और शाम खाना बनाने और साफ-सफाई के लिए आती थीं।
पुलिस को कमरे से इनहेलर भी मिला है, जो चंद्रकांता से कुछ दूरी पर रखा था। आशंका जताई जा रही है कि अस्थमा का अटैक आने पर वह समय पर इनहेलर का इस्तेमाल नहीं कर सकीं। वहीं सरोज बाला के फर्श पर गिरने के कारणों की भी जांच की जा रही है। घटना की सूचना के बाद क्राइम टीम, फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की टीम और कैट्स एम्बुलेंस को मौके पर बुलाया गया। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से कई नमूने जुटाए हैं। पुलिस घरेलू सहायिकाओं, रिश्तेदारों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है।


पुलिस के मुताबिक, दोनों महिलाएं करीब 200 वर्गमीटर के पुराने एक मंजिला मकान में रहती थीं। मकान की कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है। ऐसे में पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं संपत्ति विवाद या जहरीला पदार्थ देने जैसी कोई साजिश तो नहीं हुई। जानकारी के अनुसार, चंद्रकांता के पति की कई वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी थी। वह सरकारी कर्मचारी थे, जिसके चलते चंद्रकांता को पेंशन मिलती थी। उनका एक बेटा भी है, जो राजौरी गार्डन इलाके में परिवार के साथ रहता है।
डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में किसी आपराधिक गतिविधि के स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए आरएमएल अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा।
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें