राजधानी दिल्ली में ही नहीं बल्कि पूरे एशिया में प्रसिद्ध मसाला बाजार खारी बावली में चल रहे नकली मसालों के बड़े कारोबार का खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नया बांस इलाके में छापेमारी कर एक अवैध मसाला फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान करीब 801.88 किलोग्राम मिलावटी मसाले, हानिकारक केमिकल, नकली रंग और भारी मशीनें बरामद की गईं। मामले में फैक्ट्री संचालक कमलजीत को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार फैक्ट्री में हल्दी, लाल मिर्च, पीली मिर्च, धनिया पाउडर, अमचूर और गरम मसाला बड़े पैमाने पर तैयार किए जा रहे थे। इन मसालों में खाने योग्य नहीं होने वाले आर्टिफिशियल रंग, चावल का चूरा, सूखी मिर्च की डंडियां और धनिए के डंठल मिलाए जा रहे थे। तैयार मसालों को छोटे पैकेट में पैक कर दिल्ली-एनसीआर के बाजारों में सप्लाई किया जा रहा था।
डीसीपी क्राइम ब्रांच संजीव कुमार यादव ने बताया कि आरोपी कमलजीत मूल रूप से मुकुंदपुर का रहने वाला है। वह पहले साप्ताहिक बाजारों में मसालों की रेहड़ी लगाता था। अधिक मुनाफा कमाने के उद्देश्य से उसने करीब डेढ़ वर्ष पहले खारी बावली के नया बांस इलाके में किराये पर जगह लेकर फैक्ट्री शुरू की थी।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी किसी बड़े ब्रांड के नाम का इस्तेमाल नहीं करता था, बल्कि मसालों को छोटे पैकेट में स्थानीय स्तर पर बेचता था। 23 मई को क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि इलाके में बड़े पैमाने पर मिलावटी मसाले तैयार किए जा रहे हैं। इसके बाद एसीपी पंकज अरोड़ा और इंस्पेक्टर अमित सोलंकी की टीम ने छापा मार कार्रवाई की।
छापेमारी के दौरान दिल्ली सरकार के खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया गया। विभाग ने मसालों के नमूने लेकर लैब जांच के लिए भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद फूड सेफ्टी एक्ट के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने फैक्ट्री से भारी मात्रा में मिलावटी हल्दी, लाल मिर्च और पीली मिर्च पाउडर के अलावा सिंथेटिक रंग, चावल का चूरा, मिर्च की डंडियां, धनिए के डंठल और मसाले पीसने वाली मशीनें जब्त की हैं। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी ‘ई-साक्ष्य एप’ के माध्यम से कराई गई।
क्राइम ब्रांच ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई चेन की जांच कर रही है।
इस मामले के बीच मध्य प्रदेश के खरगोन जिले की एक घटना भी चर्चा में है। मई 2026 में कसरावद क्षेत्र की 21 वर्षीय युवती राखी की हल्दी रस्म के दौरान बाजार से खरीदी गई हल्दी लगाने के बाद तबीयत बिगड़ गई थी। शरीर पर लाल चकत्ते, चेहरे और होंठों में सूजन तथा सांस लेने में तकलीफ के बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। मामले ने मिलावटी मसालों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे।
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