>राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के ‘राज निवास’ का नाम औपचारिक रूप से बदलकर अब ‘लोक निवास’ कर दिया गया है। उपराज्यपाल द्वारा लिया गया यह निर्णय गृह मंत्रालय के 25 नवंबर 2025 के आदेश के आधार पर लागू हुआ है।
>आदेश के लागू होने के बाद ‘राज निवास’ अब आधिकारिक रूप से ‘लोक निवास’ कहलाएगा। इसकी जानकारी राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट, देशभर के राज्यपालों, मुख्यमंत्री कार्यालयों और अन्य प्रमुख विभागों को भेज दी गई है। गृह मंत्रालय द्वारा देशभर के राजभवनों का नाम ‘लोक भवन’ करने के निर्देश का मुद्दा बुधवार को राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान उठा। टीएमसी सांसद डोला सेन ने कहा कि संसद, विधानसभा और मंत्रिमंडल को इस बदलाव की पूर्व जानकारी नहीं दी गई। सभापति ने उन्हें केवल विषय पर बोलने की सलाह दी और असंबंधित टिप्पणियों को रिकॉर्ड से हटाने का निर्देश दिया।
>सदन के नेता जे.पी. नड्डा ने भी विषय से इतर हिस्सों पर आपत्ति जताई। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने सेन का समर्थन करते हुए कहा कि सदस्य ने विषय से हटकर कोई अनुचित टिप्पणी नहीं की। सभापति ने कार्यवाही नियमों के अनुसार चलाने की बात कहते हुए सदस्यों से सूचीबद्ध विषयों पर ही बोलने का अनुरोध किया।
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