नई दिल्ली। राजधानी में ट्रैफिक चालान का निपटारा कराने आने वाले लोगों के लिए जल्द बड़ी सुविधा मिलने जा रही है। अगली विशेष लोक अदालत से ट्रैफिक चालान का भुगतान नकद के बजाय सीधे यूपीआई, डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड के माध्यम से किया जा सकेगा। नई व्यवस्था लागू होने के बाद भुगतान प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज, आसान और पूरी तरह डिजिटल होगी।
दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएसएलएसए) इस व्यवस्था को लागू करने की तैयारी कर रहा है। प्राधिकरण का उद्देश्य ट्रैफिक चालानों के निपटारे को अधिक पारदर्शी, सुविधाजनक और कम समय लेने वाला बनाना है, ताकि लोगों को भुगतान के दौरान अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
डीएसएलएसए के अतिरिक्त सचिव अभिनव पांडेय के अनुसार, नई सुविधा लागू होने के बाद लोक अदालत में आने वाले लोगों को नकद राशि साथ रखने की आवश्यकता नहीं होगी। वे मौके पर ही डिजिटल माध्यम से ट्रैफिक चालान का भुगतान कर सकेंगे, जिससे भुगतान प्रक्रिया अधिक सरल हो जाएगी।
हाल ही में राजधानी के सातों जिला न्यायालय परिसरों में आयोजित विशेष लोक अदालत में ट्रैफिक चालान से जुड़े 1,15,739 मामलों का निपटारा किया गया। इन मामलों में 2.24 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया।
इसके अलावा माता सुंदरी लेन स्थित स्थायी लोक अदालत में बिजली से संबंधित 617 मामलों का भी निस्तारण हुआ, जिनमें 1.79 करोड़ रुपये की राशि पर समझौता हुआ। इस तरह एक ही दिन में 1,16,356 मामलों का निस्तारण करते हुए कुल 4.04 करोड़ रुपये की राशि जुर्माने और समझौते के रूप में प्राप्त हुई।
इस बार विशेष लोक अदालत में डिजिटल लोक अदालत एप्लिकेशन का भी उपयोग किया गया। यह एप्लिकेशन दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, दिल्ली सरकार, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र और दिल्ली यातायात पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया है।
इस डिजिटल व्यवस्था के जरिए ट्रैफिक चालानों का निस्तारण पूरी तरह पेपरलेस तरीके से किया गया। एप्लिकेशन में एकीकृत डाटाबेस, बारकोड के माध्यम से चालान खोजने की सुविधा, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और वर्चुअल कोर्ट पोर्टल से सीधा जुड़ाव तथा चालान का निस्तारण होते ही एसएमएस भेजने जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
डीएसएलएसए के अनुसार, नई डिजिटल प्रणाली के कारण चालानों के निस्तारण में लगने वाला समय कम हुआ और लोगों को लंबी प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ी। साथ ही न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए मैनुअल डाटा एंट्री का अतिरिक्त कार्य भी काफी कम हो गया। विशेष लोक अदालत के दौरान लोगों की सुविधा के लिए हेल्प डेस्क, रैंप, व्हीलचेयर, चिकित्सा सहायता, पेयजल और सुरक्षा जैसी व्यवस्थाएं भी उपलब्ध कराई गई थीं।
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