>फिरोजाबाद पुलिस और लूट के फरार आरोपी नरेश के बीच रविवार देर शाम हुई मुठभेड़ में नरेश मारा गया, जबकि एएसपी अनुज चौधरी बाल-बाल बचे। उनकी बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोली लगी, वहीं थाना रामगढ़ प्रभारी निरीक्षक संजीव दुबे गोली लगने से घायल हो गए। नरेश पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित था और उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई थी।
>30 सितंबर को थाना मक्खनपुर क्षेत्र के ग्राम घुनपई के पास 2 करोड़ रुपये से भरी जीके कंपनी की कैश वैन (GJ 18 EB 9724) को बदमाशों ने लूट लिया था। हथियारों से लैस लुटेरों ने ड्राइवर पर हमला कर उसे बांध दिया और गाड़ी लेकर फरार हो गए। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर मामले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी नरेश समेत 6 बदमाशों को गिरफ्तार किया था। इनके पास से 1 करोड़ रुपये नकद, आईफोन, बाइक की रसीद और अवैध हथियार बरामद हुए थे।
>पूछताछ के दौरान नरेश ने बताया था कि 20 लाख रुपये अलीगढ़ में छिपाए हैं। पुलिस ने रात में छापेमारी कर रकम बरामद कर ली। बाद में नरेश ने बताया कि बाकी पैसे उसने घटनास्थल के पास छिपाए हैं। जब पुलिस उसे मौके पर लेकर पहुंची तो उसने चकमा देकर भागने की कोशिश की और अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। इसी के बाद उस पर डीआईजी शैलेश पांडे ने 50,000 रुपये का इनाम घोषित कर दिया था।
>रविवार देर शाम मक्खनपुर इलाके में पुलिस को नरेश की लोकेशन मिली। एएसपी अनुज चौधरी की अगुवाई में टीम ने इलाके को घेरा।
तभी कई राउंड फायरिंग शुरू हो गई। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की।
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एक गोली एएसपी अनुज चौधरी की बुलेटप्रूफ जैकेट में लगी।
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प्रभारी निरीक्षक संजीव दुबे के पैर में गोली लगी।
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जवाबी फायरिंग में नरेश गंभीर रूप से घायल हो गया।
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>घायल नरेश को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
>एसएसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि नरेश दुर्दांत अपराधी था, जिसने पुलिस की साख को चुनौती देने की कोशिश की थी।
उन्होंने कहा, “योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अपराधियों के लिए अब कोई जगह नहीं बची है। पुलिस पूरी सख्ती के साथ काम कर रही है।”
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