>गाजियाबाद के मुरादनगर थाने के बाहर बुधवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना में 32 वर्षीय युवक अरुण शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह वारदात उस समय हुई जब वह अपने पिता रवींद्र शर्मा के साथ FIR दर्ज कराने थाने पहुंचे थे। हैरानी की बात यह है कि यह वारदात थाने के मुख्य द्वार के ठीक सामने हुई, और पुलिस मूकदर्शक बनी रही।
पिता से हुई कहासुनी बनी हत्या की वजह
>पुलिस के अनुसार, घटना की शुरुआत शाम 7:30 बजे मुरादनगर के मिलक रावली गांव के पास हुई, जब भारतीय किसान यूनियन (भानु) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रवींद्र शर्मा और दो लोगों — मोंटी और अजय चौधरी — के बीच सड़क विवाद को लेकर कहासुनी हो गई। इसके बाद रात 9 बजे मोंटी और अजय ने रवींद्र शर्मा के घर पर फायरिंग की और फरार हो गए।
>पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन मुख्य आरोपी मोंटी वहां नहीं मिला। पुलिस ने रवींद्र शर्मा को FIR दर्ज कराने थाने बुलाया। रात लगभग 11:45 बजे जब रवींद्र शर्मा, उनका बेटा अरुण शर्मा और अन्य रिश्तेदार थाने पहुंचे, तभी वही दो आरोपी बाइक पर वहां पहुंचे और गोलीबारी शुरू कर दी।
गोली लगते ही मौत, पुलिस रही निष्क्रिय
>एक गोली अरुण शर्मा को लगी जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। रवींद्र शर्मा ने आरोप लगाया कि चार पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद थे, लेकिन उन्होंने जवाबी कार्रवाई नहीं की। “हमने उनसे कहा भी, लेकिन वो सिर्फ वीडियो बनाते रहे,” उन्होंने कहा परिवार ने शव को गुरुवार सुबह थाने के बाहर रखकर प्रदर्शन किया और आरोपियों के एनकाउंटर की मांग की। साथ ही परिवार को सुरक्षा देने की मांग भी उठाई।
आरोपी पर पहले से गंभीर आरोप
>मुख्य आरोपी मोंटी वर्ष 2015 के एक मामले में नाबालिग से दुष्कर्म और POCSO एक्ट के तहत दोषी पाया गया था। वह पिछले साल ही जेल से छूटा था।
प्रशासन की सख्ती, तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड
>घटना के बाद गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट ने मुरादनगर थाने के थाना प्रभारी (SHO), नाइट ड्यूटी पर तैनात सब-इंस्पेक्टर और बीट पुलिस अधिकारी को निलंबित कर दिया है। पांच टीमें आरोपियों की तलाश में लगाई गई हैं और हत्या व अन्य धाराओं में FIR दर्ज कर ली गई है।
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