>गोरखपुर, 2 अक्टूबर। विजयदशमी के पावन अवसर पर गुरुवार शाम गोरखनाथ मंदिर से निकली गोरक्षपीठाधीश्वर की भव्य विजय शोभायात्रा ने आस्था और उल्लास की नई लहर पैदा कर दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ पीठाधीश्वर की अगुवाई में यह परंपरागत शोभायात्रा न केवल धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक बनी, बल्कि सामाजिक एकता और सर्वसमाज की सहभागिता का सजीव संदेश भी सामने लाया।
>रथ रूपी विशेष वाहन पर सवार गोरक्षपीठाधीश्वर ने मुस्कुराते हुए लोगों का अभिवादन स्वीकार किया और उन्हें शारदीय नवरात्र अनुष्ठान का प्रसाद दिया। मुस्लिम, सिंधी और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों ने पुष्पवर्षा और माल्यार्पण कर इस शोभायात्रा में भाग लिया, जिससे तुष्टिकरण की राजनीति करने वालों को भी स्पष्ट संदेश गया।
>शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ के पूजन और आशीर्वाद से शुरू हुई यह शोभायात्रा नाथ संप्रदाय के पारंपरिक वाद्ययंत्रों जैसे नागफनी, तुरही, डमरू और बैंड बाजे की धुन के साथ आगे बढ़ी। रास्ते में संस्कृति विभाग के कलाकारों ने लोकसंस्कृति की प्रस्तुतियों से शोभायात्रा का वैभव बढ़ाया।
>मानसरोवर मंदिर पहुंचकर गोरक्षपीठाधीश्वर ने महादेव का अभिषेक कर प्रभु श्रीराम का राजतिलक किया। साथ ही माता जानकी, लक्ष्मण और हनुमानजी की पूजा-अर्चना और आरती से शोभायात्रा का धार्मिक वैभव पूर्ण हुआ। इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं और अल्पसंख्यक समाज के लोगों ने गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हृदय से अभिनंदन किया।
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