ग्रेटर नोएडा। दिल्ली-एनसीआर में हो रही लगातार बारिश ने एक बार फिर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की निर्माण गुणवत्ता और जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। म्यू-2 सेक्टर में सड़क के मुख्य प्रवेश द्वार के पास अचानक जमीन धंसने से वहां एक गहरा और जानलेवा गड्ढा बन गया है, जिसने न केवल स्थानीय लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि प्राधिकरण की लापरवाह कार्यप्रणाली को भी उजागर कर दिया है।
सड़क पर खतरे की घंटी
यह गड्ढा उस मार्ग पर बना है, जिससे रोज़ाना सैकड़ों लोग आवागमन करते हैं। पैदल चलने वालों से लेकर दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक, सभी के लिए यह गड्ढा एक खुले हादसे की तरह सामने है। स्थानीय निवासी बता रहे हैं कि बरसात के चलते पहले से जलभराव की समस्या थी और अब सड़कें भी बैठने लगी हैं। यह एक संकेत है कि नीचे की सतह की मजबूती पर ध्यान नहीं दिया गया।
प्राधिकरण की गुणवत्ता पर फिर उठे सवाल
यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी बिरौंड़ी चक्रसैनपुर गांव में बारातघर की दीवार गिरने की घटना हो चुकी है, वहीं ग्रेटर नोएडा वेस्ट और 130 अंडरपास में जलभराव जैसी समस्याएं लगातार सामने आती रही हैं। ये घटनाएं दर्शाती हैं कि कहीं न कहीं निर्माण कार्यों में घटिया सामग्री का उपयोग, खराब योजना और निगरानी की कमी है।
जनता की मांग: सिर्फ गड्ढा नहीं, जवाब चाहिए!
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब तक निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही नहीं आएगी, तब तक ऐसे हादसे होते रहेंगे। लोगों ने मांग की है कि म्यू-2 सेक्टर की सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए और भविष्य के लिए प्रभावी जल निकासी प्रणाली और मजबूत निर्माण सामग्री का उपयोग किया जाए। इसके साथ ही संवेदनशील इलाकों की नियमित मॉनिटरिंग करने की भी आवश्यकता है, ताकि समय रहते दुर्घटनाओं को टाला जा सके। अगर इसी तरह अनदेखी होती रही, तो स्मार्ट सिटी का सपना सिर्फ कागजों तक सिमट कर रह जाएगा।
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें