>भारत समेत पूरी दुनिया ने आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की 11वीं वर्षगांठ उत्साहपूर्वक मनाई। इस वर्ष का थीम रहा “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग”, जो इस बात को रेखांकित करता है कि व्यक्ति का स्वास्थ्य और पर्यावरण का संतुलन एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं।
>लखनऊ के आलमबाग स्थित समर विहार कॉलोनी में महिला पतंजलि योग समिति, हरिद्वार के सहयोग से एक भव्य योग शिविर का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने स्वयं योगाभ्यास कर लोगों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा, “योग न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक शांति और संतुलन का मार्ग है। यह भारतीय संस्कृति की अमूल्य देन है, जिसे आज पूरा विश्व स्वीकार कर रहा है।”
>इस अवसर पर महिला पतंजलि योग समिति की राज्य प्रभारी वंदना बर्नवाल ने योग के मूल अर्थ पर प्रकाश डालते हुए कहा, “‘योग’ का अर्थ है एकता और जुड़ाव — शरीर, मन और आत्मा का समन्वय। योग दिवस का उद्देश्य ही लोगों को इसके लाभों के प्रति जागरूक करना है।”
>पूर्व पार्षद और समाजसेवी गिरीश मिश्रा ने बताया कि योग दिवस का विचार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रस्तुत किया था, जिसे वैश्विक स्वीकृति मिली और 2015 से इसे हर साल 21 जून को मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 21 जून को इसलिए चुना गया क्योंकि यह ग्रीष्म संक्रांति का दिन है, जब उत्तरी गोलार्ध में दिन सबसे लंबा होता है और यह आत्मिक जागरूकता का प्रतीक है।
>इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक की धर्मपत्नी नम्रता पाठक, महानगर अध्यक्ष अरविंद द्विवेदी, पूर्व एमएलसी अरविंद त्रिपाठी (गुड्डू), समाजसेवी केएस एबट समेत कई विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे। योग शिविर में मौजूद जनसमूह ने योग के माध्यम से मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ जीवन का संदेश ग्रहण किया।
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