>उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास की रफ्तार अब पूर्वांचल की ज़मीन पर भी दिखने लगी है। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की शानदार कनेक्टिविटी के बाद अब गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) ने धुरियापार इंडस्ट्रियल टाउनशिप में उद्योगों को जमीन आवंटित करने की प्रक्रिया को हरी झंडी दे दी है। शासन ने हाल ही में इस टाउनशिप के मास्टर प्लान को अनुमोदन दे दिया है, और सप्ताह भर के भीतर भूखंडों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है।
>यह टाउनशिप, गोरखपुर के दक्षिणांचल क्षेत्र में विकसित की जा रही है, जहां 17 गांवों में अब तक 600 एकड़ से अधिक भूमि का अधिग्रहण पूरा किया जा चुका है। योजना के पूर्ण होते ही यह क्षेत्र पूर्वांचल का सबसे बड़ा औद्योगिक लैंड बैंक बन जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इन्वेस्टर्स फ्रेंडली नीतियों और बेहतरीन रोड नेटवर्क की बदौलत गोरखपुर अब तेजी से निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है।
>विशेष बात यह है कि इस औद्योगिक टाउनशिप में कई बड़े उद्योग घरानों ने रुचि दिखाई है:
- अडानी ग्रुप ने ACC सीमेंट यूनिट लगाने के लिए भूमि की मांग की है।
- श्री सीमेंट और केयान डिस्टिलरी ने भी यहां निवेश की इच्छा जताई है।
- इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर की भी योजना बनाई जा रही है।
>गीडा की मुख्य कार्यपालक अधिकारी अनुज मलिक ने बताया कि, “धुरियापार टाउनशिप का मास्टर प्लान पास हो चुका है। जल्द ही दो औद्योगिक सेक्टरों में जमीनों का आवंटन शुरू किया जाएगा। भूमि अधिग्रहण और आवंटन की प्रक्रिया साथ-साथ चलती रहेगी।”
>यह टाउनशिप न केवल गोरखपुर बल्कि पूरे पूर्वांचल की औद्योगिक तस्वीर को बदलने वाली है। अब तक जो क्षेत्र विकास से दूर था, वह अब उद्योग, रोज़गार और निवेश के नए केंद्र के रूप में उभरने को तैयार है।
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