पत्रकार सुरक्षा कानून अब नहीं तो कब? लखनऊ की बैठक में विवेक प्रताप सिंह ने भरी हुंकार

News Desk 01 Jun 2025, 12:20 PM 1 min read
पत्रकार सुरक्षा कानून अब नहीं तो कब? लखनऊ की बैठक में विवेक प्रताप सिंह ने भरी हुंकार


>मीडिया की स्वतंत्रता और पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर जर्नलिस्ट प्रोटक्शन एसोसिएशन ने लखनऊ में एक अहम बैठक आयोजित की, जिसमें पत्रकार सुरक्षा कानून की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया गया। संगठन के अध्यक्ष विवेक प्रताप सिंह ने वैश्विक स्तर पर पत्रकारों की हो रही हत्याओं और शोषण पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों में 700 से अधिक पत्रकारों की हत्या हो चुकी है, जो एक बेहद गंभीर और चिंताजनक स्थिति है।


>विवेक सिंह ने कहा, “अब समय आ गया है कि पत्रकार एकजुट होकर न केवल अपने अधिकारों की रक्षा करें, बल्कि सत्य की आवाज को भी और बुलंद करें।” उन्होंने संगठन को विस्तार देने की बात करते हुए ज्यादा से ज्यादा पत्रकारों को जोड़ने की अपील की।


>बैठक के दौरान कोषाध्यक्ष नरसिंह नारायण पांडेय ने सभी पत्रकारों से एकजुट रहने और संगठन के माध्यम से अपनी बात सरकार तक पहुंचाने का आह्वान किया। मीडिया प्रभारी सत्येंद्र शर्मा, सचिव अभिषेक सिंह सहित अन्य सभी पदाधिकारियों ने पत्रकारों के हित में हर परिस्थिति में खड़े रहने की बात कही।


>बैठक में यह सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि प्रदेश भर में जिला और मंडल स्तर पर संगठन को मजबूत किया जाएगा और सरकार से मांग की जाएगी कि पत्रकारों के लिए विशेष सुरक्षा कानून बनाया जाए जिससे वे निर्भीक होकर अपने कर्तव्यों का पालन कर सकें।

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