केजीएमयू में सिस्टमैटिक रिव्यू व मेटा-एनालिसिस पर सीएमई, 268 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

केजीएमयू लखनऊ में फार्माकोलॉजी विभाग द्वारा सिस्टमैटिक रिव्यू और मेटा-एनालिसिस पर सीएमई आयोजित। यूपी मेडिकल काउंसिल से 3 क्रेडिट आवर मान्यता, 268 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा।
News Desk 26 Feb 2026, 05:58 PM 1 min read
केजीएमयू में सिस्टमैटिक रिव्यू व मेटा-एनालिसिस पर सीएमई, 268 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

 

किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ के फार्माकोलॉजी एवं थेरैप्यूटिक्स विभाग ने “बेसिक्स ऑफ सिस्टमैटिक रिव्यू एंड मेटा-एनालिसिस” विषय पर सतत चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम आयोजित किया। यह शैक्षणिक कार्यक्रम हाइब्रिड मोड में आयोजित हुआ, जिसमें देशभर से 268 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

यह सीएमई एसोसिएशन ऑफ कम्युनिटी फार्माकोथेरैप्यूटिक्स के तत्वावधान में आयोजित की गई। कार्यक्रम को उत्तर प्रदेश मेडिकल काउंसिल द्वारा तीन क्रेडिट आवर की मान्यता प्रदान की गई, जिससे पंजीकृत चिकित्सकों, स्नातकोत्तर छात्रों और शोधार्थियों की सहभागिता बढ़ी।

मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. वीरेंद्र आतम, विभागाध्यक्ष, मेडिसिन विभाग ने साक्ष्य-आधारित चिकित्सा की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सिस्टमैटिक रिव्यू और मेटा-एनालिसिस उच्च स्तरीय वैज्ञानिक साक्ष्य प्रदान करते हैं, जो क्लिनिकल गाइडलाइंस और स्वास्थ्य नीतियों के निर्माण में सहायक होते हैं।

वैज्ञानिक सत्रों का संचालन प्रो. आर.के. दीक्षित, विभागाध्यक्ष, फार्माकोलॉजी एवं थेरैप्यूटिक्स तथा प्रो. राहुल कुमार ने किया। सत्रों में PICO फ्रेमवर्क, PRISMA पद्धति, बायस आकलन, डेटा विश्लेषण और मेटा-एनालिसिस की सांख्यिकीय व्याख्या पर विस्तृत चर्चा हुई।

 

कार्यक्रम में रेजिडेंट चिकित्सकों ने भी प्रस्तुतियां दीं। कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने विभाग के शैक्षणिक प्रयासों की सराहना की। आयोजकों ने कहा कि सिस्टमैटिक रिव्यू और मेटा-एनालिसिस में प्रशिक्षण आधुनिक चिकित्सा अनुसंधान और साक्ष्य-आधारित उपचार प्रणाली के लिए आवश्यक है।

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