अब मरीज नहीं कहेंगे 'दिल्ली चलना पड़ेगा'

केजीएमयू में ₹941 करोड़ की 'चिकित्सा क्रांति': योगी सरकार ने दी सुपरस्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं को नई उड़ान
News Desk 14 Jul 2025, 08:45 AM 1 min read
अब मरीज नहीं कहेंगे 'दिल्ली चलना पड़ेगा'


>उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) ने अपनी 120 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा में एक नया कीर्तिमान रचते हुए चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में क्रांति की शुरुआत कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ₹941 करोड़ की लागत से निर्मित 7 बड़ी परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास कर इस ऐतिहासिक बदलाव की आधारशिला रखी।


>इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वॉर्ड में जाकर मरीजों से बातचीत की, डॉक्टरों से फीडबैक लिया और केजीएमयू को भविष्य के लिए तैयार करने की विस्तृत योजना साझा की।


>941 करोड़ की परियोजनाएं: मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर का मेगा बूस्ट


>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में न्यू कार्डियोलॉजी विंग, ऑर्थोपेडिक सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक, 500 बेड वाला ट्रॉमा सेंटर, जनरल सर्जरी विभाग का छह मंजिला भवन, नवीन प्रशासनिक परिसर, डायग्नोस्टिक लैब, पेशेंट यूटिलिटी कॉम्प्लेक्स, और गेस्ट हाउस विस्तार जैसी परियोजनाओं की नींव रखी या लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा, "यह महज निर्माण कार्य नहीं, बल्कि 'स्वस्थ उत्तर प्रदेश - समर्थ भारत' की दिशा में नई चिकित्सा संस्कृति का प्रारंभ है।"


>कोविड काल में अग्रणी रहा केजीएमयू: बना संकट में समाधान का केंद्र


>मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि जब कोविड-19 का कहर शुरू हुआ था, तब केजीएमयू ही वह संस्थान था जहां उत्तर प्रदेश में पहली बार कोविड टेस्टिंग शुरू हुई। राज्य के पहले 100 संदिग्धों की जांच यहीं से शुरू हुई थी, जिससे प्रदेश समय रहते महामारी से लड़ने के लिए तैयार हो सका।


>भविष्य की चिकित्सा: टेक्नोलॉजी, रिसर्च और आत्मनिर्भरता पर फोकस


>सीएम योगी ने बताया कि केजीएमयू अब आईआईटी कानपुर के साथ मिलकर मेडिकल टेक्नोलॉजी पर केंद्रित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित कर रहा है। इसके ज़रिए मेडिकल रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा और भारत को हेल्थ टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में योगदान मिलेगा।


>बलरामपुर में बनेगा KGMU का सैटेलाइट सेंटर


>मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब केजीएमयू की उन्नत चिकित्सा सुविधाएं छोटे शहरों तक पहुंचेंगी। इसके लिए बलरामपुर में एक सैटेलाइट सेंटर की स्थापना की जा रही है। इससे न सिर्फ राजधानी के स्वास्थ्य संस्थानों पर दबाव कम होगा, बल्कि ग्रामीण व सीमावर्ती क्षेत्रों के मरीजों को भी स्थानीय स्तर पर इलाज उपलब्ध हो सकेगा।


>जनसामान्य की आस्था बना KGMU


>सीएम योगी ने मरीजों से बात करते हुए यह भी कहा कि केजीएमयू अब सिर्फ एक मेडिकल यूनिवर्सिटी नहीं, बल्कि लाखों लोगों की आस्था और विश्वास का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने डॉक्टरों से आह्वान किया कि वे नकारात्मकता को त्यागें और आधुनिक चिकित्सा के साथ अपडेट रहें।


>धार्मिक परंपरा के साथ उद्घाटन: सकारात्मक ऊर्जा का संचार


>मुख्यमंत्री ने सभी परियोजनाओं का विधिवत पूजन और मंत्रोच्चार के साथ शुभारंभ किया। उन्होंने निर्माणाधीन व चालू परिसरों का निरीक्षण किया और एक-एक वॉर्ड में जाकर मरीजों से मिलकर उनकी संतुष्टि का जायज़ा लिया।

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