गाजियाबाद के लोनी नगर पालिका परिषद की बोर्ड बैठक शुक्रवार को उस समय हंगामे की भेंट चढ़ गई, जब एक सभासद ने सदन के भीतर अपने ऊपर पेट्रोल जैसा ज्वलनशील पदार्थ छिड़क लिया। घटना के बाद बैठक में अफरा-तफरी मच गई और शहर के विकास कार्यों के लिए प्रस्तावित बजट पर चर्चा बीच में ही रोकनी पड़ी। अधिकारियों और मौजूद सभासदों ने तत्काल हस्तक्षेप कर उन्हें आत्मदाह के प्रयास से रोक लिया।
खन्ना नगर स्थित नगर पालिका परिषद सभागार में शहर के विकास कार्यों के लिए बजट पारित करने को लेकर बोर्ड बैठक आयोजित की गई थी। बैठक निर्धारित समय के अनुसार दोपहर तीन बजे शुरू हुई। इसमें नगर पालिका अध्यक्ष रंजीता धामा, अधिशासी अधिकारी कृष्ण कांत मिश्र, अवर अभियंता मनोज कुमार और नवनीत गुप्ता, सफाई निरीक्षक संजीव अवाना, राजकुमार सहित सभी महिला एवं पुरुष सभासद मौजूद रहे।
करीब एक घंटे तक बैठक सामान्य रूप से चलती रही। इसी दौरान वार्ड नंबर एक के सभासद आदर्श प्रधान ने अपने क्षेत्र से जुड़े विकास कार्यों का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता की समस्याओं से संबंधित प्रस्तावों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है और सफाई कर्मचारियों के बकाया वेतन का भुगतान भी लंबित है।
सभासद आदर्श प्रधान ने नगर पालिका में भ्रष्टाचार बढ़ने तथा विभिन्न वार्डों में विकास कार्यों के आवंटन में भेदभाव किए जाने का आरोप लगाया। आरोपों के बीच उन्होंने अचानक अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ छिड़क लिया। घटना से बैठक कक्ष में मौजूद अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों में हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें रोक लिया, जिससे कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
घटना के बाद बैठक का माहौल तनावपूर्ण हो गया और विवाद बढ़ने पर कार्यवाही स्थगित कर दी गई। बताया गया कि बढ़ते हंगामे के बीच नगर पालिका अध्यक्ष रंजीता धामा भी बैठक छोड़कर चली गईं।
नगर पालिका अध्यक्ष रंजीता धामा ने बताया कि शहर के विकास कार्यों के लिए बजट पारित कराने के उद्देश्य से इससे पहले 11 मई को भी बोर्ड बैठक बुलाई गई थी, लेकिन उस समय भी हंगामे के कारण बैठक पूरी नहीं हो सकी थी। शुक्रवार को दोबारा बैठक आयोजित की गई थी ताकि आवश्यक वित्तीय प्रस्तावों को मंजूरी दी जा सके।
नगर पालिका अध्यक्ष रंजीता धामा ने घटना को योजनाबद्ध बताते हुए कहा कि कुछ सभासद उन पर अनावश्यक मांगों को पूरा करने का दबाव बना रहे हैं। उनके अनुसार बैठक के दौरान एक सभासद द्वारा अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालना पूर्व नियोजित कदम प्रतीत होता है।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद ज्वलनशील पदार्थ सदन के भीतर कैसे पहुंचा। उन्होंने मामले की जांच कराने के लिए पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग करने की बात कही।
उधर, सभासद आदर्श प्रधान ने नगर पालिका में भ्रष्टाचार, विकास कार्यों में कथित भेदभाव और कर्मचारियों के बकाया वेतन जैसे मुद्दों को लेकर विरोध दर्ज कराया। घटना के बाद बोर्ड बैठक स्थगित कर दी गई और बजट संबंधी प्रस्तावों पर निर्णय नहीं हो सका।
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