>“हर साल 40 फीसदी मुनाफा मिलेगा” - यही लालच देकर राजधानी लखनऊ में अनी बुलियन कंपनी ने निवेशकों से करोड़ों रुपये ठग लिए। बिहार और पूर्वांचल के कई जिलों से जुड़ी महिलाएं और उनके परिवारजन इस ठगी का शिकार बने। कोर्ट के आदेश पर गोमतीनगर पुलिस ने कंपनी के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती शिकायत के अनुसार ठगी की रकम 5.05 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है।
>बिहार के गोपालगंज की रहने वाली पानमती देवी ने साल 2015 में अयोध्या के मिल्कीपुर स्थित अनी बुलियन कंपनी के कार्यालय में निवेश योजनाओं के बारे में जानकारी ली थी। कंपनी के अधिकारियों ने उन्हें वादा किया कि अगर वे उनके स्कीमों में निवेश करती हैं, तो सालाना 40% का गारंटीड मुनाफा मिलेगा।
>फिर उन्हें लखनऊ के विपुल खंड, गोमतीनगर स्थित शाखा भेजा गया, जहां संतोष कुमार नाम के एक कर्मचारी ने उनकी पूरी तरह से ‘गारंटी’ दी। झांसे में आकर पानमती देवी ने न सिर्फ खुद निवेश किया, बल्कि अपने रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों के साथ मिलकर कुल 2.50 करोड़ रुपये कंपनी की विभिन्न स्कीमों में लगा दिए।
>पानमती देवी ने अनी बुलियन कंपनी से 3.36 लाख रुपये देकर एक प्लॉट भी बुक कराया था। लेकिन ना उन्हें जमीन का कब्जा मिला, ना ही निवेश पर कोई मुनाफा। जब उन्होंने संतोष कुमार से संपर्क कर पैसे वापस मांगे तो जवाब मिला – "थोड़ा इंतजार कीजिए।"
>बाद में जब पानमती देवी अपने अन्य निवेशकों के साथ कंपनी के दफ्तर पहुँचीं तो उन्हें वहां धमकाकर बाहर निकाल दिया गया। उन्हें धमकी दी गई कि वे दोबारा दफ्तर के आसपास भी न दिखें।
>इसी प्रकार देवरिया जिले के भरौली डोरिया गांव की रहने वाली राधा देवी ने भी संतोष कुमार और कंपनी के अन्य कर्मचारियों पर 2.53 लाख 64 हजार रुपये की ठगी का आरोप लगाया है। उन्हें भी निवेश पर मुनाफा का भरोसा दिलाया गया, लेकिन पैसा लेने के बाद संपर्क बंद कर दिया गया।
>इस पूरे मामले में जब पीड़ितों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, तो न्यायालय ने गोमतीनगर पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। इंस्पेक्टर बृजेश चंद तिवारी के अनुसार, दो एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब अनी बुलियन कंपनी के मालिक, कर्मचारी और बैंक ट्रांजैक्शन की गहराई से जांच कर रही है।
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