लखनऊ में जमीन खरीदना होगा महंगा, आवास विकास परिषद बढ़ाएगा रेट

अवध विहार, वृंदावन और आम्रपाली योजना में अप्रैल 2026 से नई दरें लागू होने की तैयारी, प्रति वर्ग मीटर करीब तीन हजार रुपये तक बढ़ सकते हैं रेट।
Bureau 11 May 2026, 12:26 PM 1 min read
लखनऊ में जमीन खरीदना होगा महंगा, आवास विकास परिषद बढ़ाएगा रेट

 

राजधानी लखनऊ में अपना घर बनाने का सपना देखने वालों के लिए आने वाला समय और महंगा साबित हो सकता है। आवास विकास परिषद ने शहर की तीन प्रमुख आवासीय योजनाओं में जमीन की कीमतें बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। परिषद जल्द ही नई दरों को लेकर आदेश जारी कर सकता है। प्रस्तावित नई दरें एक अप्रैल 2026 से लागू मानी जाएंगी।

 

परिषद की नई गणना नीति के अनुसार जमीन की कीमत डीएम सर्किल रेट से अधिक नहीं रखी जा सकती है। हालांकि, जिन योजनाओं में विकास कार्य जारी हैं और परिषद के पास अभी जमीन उपलब्ध है, वहां विशेष प्रावधान के तहत कीमत बढ़ाने का रास्ता खुला हुआ है। इसी के तहत परिषद करीब 9 प्रतिशत तक जमीन के दाम बढ़ाने की तैयारी में है। अनुमान है कि कीमतों में लगभग तीन हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर तक की बढ़ोतरी हो सकती है।

 

फिलहाल परिषद ने फ्लैट खरीदने वालों को राहत दी है। कम मांग को देखते हुए फ्लैटों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। केवल जमीन की दरों में वृद्धि प्रस्तावित है।

 

राजधानी में आवास विकास परिषद की कई योजनाएं संचालित हैं, लेकिन वर्तमान समय में परिषद के पास केवल तीन योजनाओं में ही जमीन उपलब्ध है। इनमें सुल्तानपुर रोड स्थित अवध विहार योजना, रायबरेली रोड की वृंदावन योजना और हरदोई रोड की आम्रपाली योजना शामिल हैं। नई दरें इन्हीं परियोजनाओं में लागू होंगी। जिन पुरानी योजनाओं में परिषद के पास जमीन शेष नहीं है, वहां कीमतों में बदलाव नहीं होगा।

 

सुल्तानपुर रोड स्थित अवध विहार योजना इस समय शहर की सबसे अधिक मांग वाली योजनाओं में गिनी जा रही है। शहीद पथ से बेहतर कनेक्टिविटी, बड़े शॉपिंग मॉल, अस्पताल और अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम जैसी सुविधाओं के कारण यहां जमीन की मांग लगातार बढ़ रही है। पिछले वर्ष परिषद ने यहां दरों में बढ़ोतरी नहीं की थी, लेकिन इस बार कीमत बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है।

 

हरदोई रोड की आम्रपाली योजना में भी ग्रीन कॉरिडोर और प्रस्तावित मेट्रो फेज-2 परियोजना के चलते रियल एस्टेट गतिविधियां तेज हुई हैं। वहीं रायबरेली रोड स्थित वृंदावन योजना में डिफेंस एक्सपो और एआई सिटी प्रोजेक्ट के बाद जमीनों की मांग और कीमतों में लगातार तेजी देखी जा रही है।

 

नई गणना नीति के तहत परिषद को सामान्य परिस्थितियों में डीएम सर्किल रेट से ऊपर कीमत तय करने की अनुमति नहीं है। हालांकि, जिन योजनाओं में विकास कार्य जारी हैं और परिषद के पास उपलब्ध भूमि मौजूद है, वहां मार्जिन कॉस्ट लैंड रेट (एमसीएलआर) अधिनियम के तहत हर वर्ष 8.7 प्रतिशत तक कीमत बढ़ाने की छूट दी गई है। परिषद इसी प्रावधान का इस्तेमाल करते हुए नई दरें लागू करने जा रहा है।

 

प्रस्तावित दरों के अनुसार अवध विहार योजना में जमीन की कीमत करीब 38 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर, वृंदावन योजना में 41 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर और आम्रपाली योजना में 30 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर तक पहुंच सकती है।

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