>साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच लखनऊ पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। राजधानी के गुडम्बा क्षेत्र स्थित स्मृति अपार्टमेंट में संचालित एक बड़े ऑनलाइन बेटिंग एप ठगी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने 16 सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके पास से करीब एक करोड़ रुपये नगद, 79 एटीएम कार्ड, 22 पासबुक, 13 चेकबुक, 30 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप और नोट गिनने की दो मशीनें बरामद की हैं।
>पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र सिंह ने बताया कि गुडम्बा थाने की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि स्मृति अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 403 में कुछ लोग संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और फ्लैट की तलाशी ली। छापेमारी के दौरान पुलिस ने वहां मौजूद 16 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। शुरुआती जांच में यह गिरोह बेटिंग एप्स के माध्यम से लोगों को फंसाकर उनसे ठगी करता था।
>जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य फर्जी बैंक खातों, एटीएम कार्ड्स और मोबाइल नंबरों के जरिए ऑनलाइन सट्टा एप्लिकेशन पर लोगों को इनाम और मोटी रकम का लालच देकर जोड़ते थे। जैसे ही यूज़र उनके जाल में फंसते, वे खातों के जरिए रकम ट्रांसफर करवा लेते और तुरंत रकम निकाल लेते थे। गिरोह इस पूरी ठगी को बेहद पेशेवर ढंग से अंजाम दे रहा था।
>पुलिस ने गिरोह से मिले डिजिटल सबूतों और दस्तावेजों के आधार पर पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब इस बात की जांच हो रही है कि इस गिरोह के तार किस-किस राज्य या देश तक जुड़े हैं, और इसके साथ और कितने लोग शामिल हो सकते हैं। साइबर सेल, एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और आईटी एक्सपर्ट्स की मदद से डिजिटल फॉरेंसिक जांच भी की जा रही है।
>यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि साइबर अपराधी अब केवल तकनीक-savvy नहीं बल्कि बेहद संगठित और पेशेवर भी होते जा रहे हैं। ऐसे में आम जनता को भी जागरूक रहने की जरूरत है। ऑनलाइन बेटिंग, अनजान लिंक या अज्ञात एप्लिकेशन से दूरी ही इस तरह के गिरोहों से बचने का सबसे अच्छा उपाय है।
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