>उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जीएसटी चोरी का एक बड़ा मामला सामने आया है। दो फर्जी कंपनियों ने जालसाजी से 7.35 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी कर सरकार को चूना लगाने की साजिश रची। सीजीएसटी (CGST) विभाग की सतर्कता से घोटाले का खुलासा हुआ और अब पुलिस ने बख्शी का तालाब (बीकेटी) और मड़ियांव थानों में अलग-अलग मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फर्जी पते पर चल रही थी ‘रामा इंटरप्राइजेज’, 2.39 करोड़ का टैक्स गबन
>उपायुक्त राज्यकर अमर दीप वर्मा के मुताबिक, योगेश कुमार नामक व्यापारी ने ‘रामा इंटरप्राइजेज’ के नाम से फर्म बनाकर बख्शी का तालाब स्थित सरस्वती कांप्लेक्स में जीएसटी रजिस्ट्रेशन लिया। कंपनी का GST नंबर 09AZAPY0272F2Z9 है।
>हालांकि, 26 जून 2025 को जब सीजीएसटी के सहायक आयुक्त अभिमन्यु पाठक ने मौके पर निरीक्षण किया, तो पाया गया कि वहां ऐसी कोई कंपनी मौजूद ही नहीं थी।
>स्थानीय लोगों से पूछताछ में भी फर्म के संचालन का कोई साक्ष्य नहीं मिला। जांच में पता चला कि योगेश ने फर्जी बिल जारी कर 13.33 करोड़ रुपए का कारोबार दिखाया, जिससे उसने 2.39 करोड़ रुपए का टैक्स गबन किया। इसके बाद बीकेटी थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया, जिसकी जांच इंस्पेक्टर संजय कुमार सिंह कर रहे हैं।
27.55 करोड़ के फर्जी टर्नओवर से 4.95 करोड़ की चोरी, ‘बालाजी ट्रेडर्स’ भी जांच के घेरे में
>दूसरा मामला मड़ियांव क्षेत्र का है, जहां जगताप जयश्री बालाजी ट्रेडर्स नामक फर्म के जरिए 4.95 करोड़ की टैक्स चोरी की गई।
>राज्य कर उपायुक्त उमाशंकर विश्वकर्मा की जांच में सामने आया कि कंपनी ने 27.55 करोड़ रुपए का टर्नओवर तो दिखाया, पर ना कोई खरीदारी की और ना ही वास्तविक लेन-देन।
>दिल्ली की आधा दर्जन से अधिक कंपनियों से हुए लेन-देन को फर्जी घोषित करते हुए पुलिस ने मड़ियांव थाने में रिपोर्ट दर्ज की। मामले की जांच इंस्पेक्टर शिवानंद मिश्रा कर रहे हैं।
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें