>ऑनलाइन सट्टेबाजी एप “महादेव ऐप” से जुड़े मामले में एक चौंकाने वाली वारदात सामने आई है। मऊ निवासी यशपाल चौहान, जो महादेव ऐप के जरिए लखनऊ व आसपास के जिलों में सट्टा कारोबार संचालित करता है, ने अपने भाइयों के साथ मिलकर एक युवक को लखनऊ से अगवा कर मऊ ले जाकर जबरन सादे स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर करवा लिए। पीड़ित की तहरीर पर पीजीआई थाना पुलिस ने सट्टा संचालक समेत 7 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।
जमीन दिखाने के बहाने बुलाया, फिर अगवा कर ले गए मऊ
>पीड़ित ओमप्रकाश यादव, मूलतः देवरिया के महुआडीह के निवासी हैं और वर्तमान में लखनऊ के चरण भट्ठा रोड (पीजीआई क्षेत्र) में परिवार के साथ रहते हैं। ओमप्रकाश ने बताया कि कुछ समय पहले वह यशपाल चौहान के ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़ गए थे, लेकिन जब यशपाल ने एक लाख रुपये की झूठी उधारी निकालकर दबाव बनाना शुरू किया, तो उन्होंने काम छोड़ दिया।
>3 जुलाई को यशपाल के भाई गुड्डू ने ओमप्रकाश को जमीन दिखाने के बहाने वृंदावन सेक्टर-12 बुलाया। वहां राजकुमार नामक साथी के साथ पहुंचे ओमप्रकाश को गुड्डू, मोनू और चार अन्य लोगों ने जबरन एक कार में बैठा लिया और मऊ की ओर रवाना हो गए। विरोध करने पर पीड़ित से मारपीट की गई।
कोर्ट में जबरन स्टांप पेपर पर करवाए हस्ताक्षर
>ओमप्रकाश ने पुलिस को बताया कि मऊ पहुंचने पर उसे स्थानीय कोर्ट ले जाकर जबरन सादे स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर करवा लिए गए। इस बीच ओमप्रकाश के परिजनों ने पीजीआई थाने में अपहरण की सूचना दे दी, जिससे घबराकर आरोपी अगले दिन उसे रोडवेज बस में बैठाकर वापस लखनऊ भेज गए।
पुलिस जांच में सट्टेबाजी की उधारी का विवाद सामने आया
>पीजीआई थाना प्रभारी धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में ओमप्रकाश और यशपाल के बीच महादेव ऐप से जुड़ी सट्टेबाजी में डूबे पैसों को लेकर विवाद की बात सामने आई है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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