>लखनऊ जिलाधिकारी ने मंगलवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस स्थित न्यूट्रिशन रिहैबिलिटेशन सेंटर (एनआरसी) का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कुपोषित बच्चों के इलाज, पोषण, टीबी देखभाल और रेफरल प्रक्रिया की गहन समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को ज़रूरी दिशा-निर्देश भी दिए।
>एनआरसी वार्ड में कुल 10 बेड हैं, जहां गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों का इलाज और पुनर्वास किया जाता है। जिलाधिकारी ने भर्ती बच्चों को दी जा रही पोषण डाइट की जानकारी ली और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए डाइटीशियन के सहयोग से ‘पोषण पोटली’ तैयार करने के निर्देश दिए।
>जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) को निर्देशित किया कि पिछले 6 माह में आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आरबीएसके टीम द्वारा एनआरसी में रेफर किए गए बच्चों की सूची शीघ्र उपलब्ध कराई जाए।
>निरीक्षण के दौरान टीबी से ग्रसित बच्चों की स्थिति और उनके लिए रखे गए विशेष प्रबंधों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी ग्रस्त बच्चों को भी ‘निक्षय मित्र योजना’ के तहत गोद लिया जाए ताकि उन्हें भी वयस्कों की तरह समुचित इलाज और देखभाल मिल सके।
>निरीक्षण में जिलाधिकारी ने एनआरसी की पाकशाला (किचन) का भी निरीक्षण किया और वहां तैयार हो रहे भोजन की गुणवत्ता व स्वच्छता की जांच की। उन्होंने निर्देश दिए कि एफएसएसएआई (FSSAI) से प्रमाणन प्राप्त कराना अनिवार्य किया जाए ताकि खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित हो सके।
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