भीषण गर्मी में लखनऊ की बिजली व्यवस्था ठप, कई इलाकों में प्रदर्शन - 150 लोगों पर FIR

36 घंटे तक बिजली गुल रहने से फूटा लोगों का गुस्सा, विभाग ने दूसरे जिलों से 44 इंजीनियर बुलाए।
Bureau 23 May 2026, 11:55 AM 1 min read
भीषण गर्मी में लखनऊ की बिजली व्यवस्था ठप, कई इलाकों में प्रदर्शन - 150 लोगों पर FIR

भीषण गर्मी के बीच राजधानी लखनऊ में बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह दबाव में नजर आ रही है। लगातार बिजली कटौती, फॉल्ट और ट्रांसफार्मरों में खराबी से परेशान लोगों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया। गुरुवार रात से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन शुक्रवार देर रात तक जारी रहा। कई इलाकों में लोगों ने पावर हाउस का घेराव किया, सड़कें जाम कीं और बिजली विभाग के अधिकारियों से तीखी नोकझोंक हुई। उतरठिया अंडरपास पर रायबरेली रोड जाम करने के मामले में पुलिस ने करीब 150 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। वहीं, हालात संभालने के लिए मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने प्रदेश के विभिन्न जिलों से 44 अभियंताओं को लखनऊ बुलाया है।

 

36 घंटे बिजली गुल रहने पर बुद्धेश्वर चौराहे पर फूटा लोगों का गुस्सा: पारा इलाके में करीब 36 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से नाराज लोग शुक्रवार रात बुद्धेश्वर चौराहे पर सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया। इस दौरान जेई की गाड़ी के टायर पंक्चर किए जाने की भी सूचना है। लोगों ने चेतावनी दी कि बिजली बहाल होने तक अधिकारियों को इलाके से गुजरने नहीं दिया जाएगा।

 

कई पावर हाउसों का घेराव, सड़कें भी कर दी जाम: शुक्रवार को गोमतीनगर सेक्टर-5 स्थित पावर हाउस पर तीन घंटे से अधिक समय तक प्रदर्शन हुआ। जानकीपुरम पावर हाउस पर भी लोगों ने नारेबाजी की। कैंट विधानसभा क्षेत्र के गीतापल्ली वार्ड स्थित मधुबननगर में लगभग 26 घंटे तक बिजली न आने से लोग परेशान रहे। दोपहर बाद पकरी पुल स्थित अधिशासी अभियंता कार्यालय पर लोगों ने धरना दिया। इसके बाद आशियाना में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने पावर हाउस पर प्रदर्शन किया। आलमनगर में मोहन रोड जाम कर दिया गया। इससे पहले गुरुवार देर रात बनी पावर हाउस, फैजुल्लागंज और इंदिरा नगर सेक्टर-25 पावर हाउस पर भी लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था।

 

पहली गर्मी में ही वर्टिकल व्यवस्था हो रही फैल: लखनऊ में वर्टिकल व्यवस्था लागू होने के बाद पहली गर्मी में ही बिजली व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। लगातार फॉल्ट और कटौती के कारण शहर के कई इलाकों में संकट गहराता जा रहा है। बढ़ते विरोध को देखते हुए मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने शाहजहांपुर, बदायूं, बरेली, महाराजगंज, पीलीभीत, सीतापुर, सुल्तानपुर, नानपारा, पलिया, गोला और हैदरगढ़ समेत कई जिलों से 44 अभियंताओं को लखनऊ बुलाया है। इन अभियंताओं की तैनाती लखनऊ मध्य, अमौसी, जानकीपुरम और गोमतीनगर जोन में की गई है। विभाग के अनुसार, सभी अभियंता पहले भी लखनऊ में कार्य कर चुके हैं।

 

मरम्मत कार्य के दौरान आग, दो लाइनमैन घायल: जानकीपुरम विस्तार के पिंक सिटी और तिवारीपुर इलाके में एलटी लाइन बांधने के दौरान फ्लैश पेटी लगाते समय आग लग गई। हादसे में लाइनमैन कमलेश और गुड्डू घायल हो गए। दोनों को अलग-अलग निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि एबीसी केबल पहले से शॉर्ट थी, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि न्यू कैंपस उपकेंद्र क्षेत्र में एक महीने के भीतर यह तीसरी घटना है। इससे पहले शंभूनाथ सोसाइटी तिराहा पर कार्य के दौरान लाइनमैन राजेश गंभीर रूप से घायल हुए थे। 

 

आठ अभियंताओं के कार्यक्षेत्र बदले गए फिर भी हाल बेहाल: मध्यांचल मुख्यालय प्रबंधन ने 8 अभियंताओं के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है। सहायक अभियंता संतोष सिंह कुशवाहा को अमौसी से रायबरेली क्षेत्र भेजा गया है। वहीं, अनुभव श्रीवास्तव, धर्मेंद्र कुमार, प्रदीप कुमार मौर्य और अमितेश कुमार समेत कई अभियंताओं को अलग-अलग जोन में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

 

 

ट्रांसफार्मर में भी लग गयी आग : चिनहट तिराहा स्थित ओवरब्रिज के नीचे रखे 100 KVA ट्रांसफार्मर में अधिक लोड के कारण आग लग गई। मौके पर पहुंची दमकल टीम ने आग पर काबू पाया। इस ट्रांसफार्मर से स्ट्रीट लाइट की आपूर्ति हो रही थी। वहीं, लालबाग इलाके में दोपहर के समय बिजली की केबल में आग लग गई। हादसे के दौरान लोगों ने सड़क पर सीढ़ी लगाकर केबल को सहारा दिया, ताकि वह राहगीरों के ऊपर न गिरे। घटना के कारण इलाके की बिजली आपूर्ति कुछ समय तक बाधित रही।

 

टूटते तारों से बढ़ी परेशानी: सआदतगंज थाना क्षेत्र के रामप्रसाद बिस्मिल नगर और अंबरगंज चौकी सहित कई इलाकों में 21 मई की रात से बिजली आपूर्ति बाधित रही। स्थानीय लोगों के अनुसार, ओवरहेड तार टूटने के कारण आधे से अधिक इलाके की बिजली बंद हो गई। लोगों का आरोप है कि बिजलीकर्मियों ने कई बार मरम्मत की कोशिश की, लेकिन हर बार 15 से 30 मिनट के भीतर तार दोबारा टूट गया। तार सड़क पर गिरने के कारण लोगों ने उसे अस्थायी रूप से ऊपर बांध दिया।

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