राजधानी लखनऊ में सरदार पटेल स्वाभिमान महाकुंभ को लेकर बुधवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में बड़ी संख्या में कुर्मी समाज के लोगों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान आगामी अक्टूबर-नवंबर माह में रमाबाई आंबेडकर मैदान में विशाल जनसैलाब रैली आयोजित करने की घोषणा की गई। वक्ताओं ने कहा कि इस रैली के माध्यम से सरकार तक समाज की आवाज और ताकत पहुंचाई जाएगी।
बैठक के दौरान वक्ताओं ने कहा कि कुर्मी समाज के साथ लगातार अन्याय किया जा रहा है और देश के लौह पुरुष सरदार बल्लभभाई पटेल की विचारधारा को दबाने तथा कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने देश की एकता और अखंडता के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था। ऐसे महान नेता के सम्मान और उनकी विरासत के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ समाज स्वीकार नहीं करेगा।
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि सरकारें समय-समय पर बदलती रहती हैं, लेकिन समाज की ताकत और एकजुटता हमेशा कायम रहती है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरदार पटेल की सोच और उनके योगदान को मिटाने का प्रयास किया गया तो कुर्मी समाज सड़क से लेकर सदन तक अपनी आवाज बुलंद करेगा।
बैठक में यह भी कहा गया कि प्रस्तावित सरदार पटेल स्वाभिमान महाकुंभ रैली के जरिए समाज अपनी एकजुटता और शक्ति का प्रदर्शन करेगा। साथ ही उन लोगों को जवाब दिया जाएगा जो सरदार पटेल के नाम और उनकी विचारधारा को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। वक्ताओं ने समाज के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में महाकुंभ रैली में शामिल होने की अपील भी की।
बैठक में मौजूद समाज के पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों ने आयोजन को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाने की बात कही। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर भी चर्चा की गई और समाज की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष जय करण वर्मा ने कहा कि सरदार पटेल देश की एकता और स्वाभिमान के प्रतीक हैं तथा समाज उनके सम्मान और विचारों की रक्षा के लिए पूरी मजबूती के साथ खड़ा रहेगा।
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