लखनऊ के लोहिया संस्थान में सूचना केंद्र का हुआ शुभारंभ

Lucknow News: डॉ. राम मनोहर लोहिया संस्थान, लखनऊ में 24×7 एकीकृत सूचना केंद्र शुरू। विषाक्तता मामलों में त्वरित विशेषज्ञ सहायता उपलब्ध।
News Desk 12 Dec 2025, 09:35 PM 1 min read
लखनऊ के लोहिया संस्थान में सूचना केंद्र का हुआ शुभारंभ


>डॉ. राम मनोहर लोहिया चिकित्सा विज्ञान संस्थान, लखनऊ में शुक्रवार को एक एकीकृत बहु-विशिष्ट सूचना केंद्र का औपचारिक उद्घाटन किया गया। यह केंद्र विषाक्तता संबंधी आपात स्थितियों में त्वरित मार्गदर्शन और विशेषज्ञ सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।


>केंद्र की सेवाएं पौधों के विष, कीटनाशक, दवाओं, ड्रग्स, सांप के काटने सहित विभिन्न रासायनिक संपर्क से जुड़ी आपात स्थितियों को कवर करेंगी। यह सुविधा 24×7 उपलब्ध रहेगी ताकि चिकित्सा पेशेवरों और आम नागरिकों को समय पर सलाह मिल सके।


>उद्घाटन समारोह में संस्थान के निदेशक डॉ. सी. एम. सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की सुविधा जीवन रक्षक हस्तक्षेप और सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।


>फोरेंसिक मेडिसिन और टॉक्सिकोलॉजी विभाग द्वारा संचालित इस पहल में इमर्जेंसी मेडिसिन, जनरल मेडिसिन, पीडियाट्रिक्स, कम्युनिटी मेडिसिन, फार्माकोलॉजी और हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन विभागों का सहयोग शामिल है। 

← Previous Story Next Story →

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें


Related News

अलीगंज अग्निकांड के बाद केजीएमयू पहुंचे अखिलेश यादव, पीड़ित परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये की मदद की मांग
15 मौतों के बाद खुलीं पुरानी फाइलें, रिपोर्ट में सामने आए 1043 भवनों से जुड़े तथ्य
मोमबत्तियों की रोशनी में नम हुई आंखें, छात्रों की याद में निकला कैंडल मार्च
रात 3:30 बजे चीखों से टूटी लोगों की नींद, छत पर पहुंचते ही सामने था खून से लथपथ मां का चेहरा
'दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेंगे'... बलिदान दिवस पर CM योगी ने याद किया डॉ. मुखर्जी का संदेश
अब बीएसबी स्कूलों के छात्रों के रिकॉर्ड भी राष्ट्रीय व्यवस्था से जुड़ेंगे, यूपी सरकार ने तेज की बड़ी प्रक्रिया
जिस इमारत में गईं 15 जानें, अब उसी पर बुलडोजर की तैयारी? 2016 का आदेश फिर चर्चा में
लखनऊ अग्निकांड के बाद सवालों की बौछार, संसद से बुलडोजर कार्रवाई तक तेज हुई सियासत
2016 में गिराने का आदेश हुआ था, फिर 15 लोगों की जान लेने वाली इमारत कैसे बची रही?