राजधानी लखनऊ में एक गर्भवती महिला को रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल ले जाना परिवार को भारी पड़ गया। झलकारी बाई महिला अस्पताल से महज़ आधा किलोमीटर की दूरी पर, तेज प्रसव पीड़ा के चलते महिला ने चलती ऑटो में ही बच्चे को जन्म दे दिया। घटना दारुलशफा गेट नंबर-2 के पास की है, जहां प्रसव के बाद महिला करीब एक घंटे तक ट्रैफिक जाम में फंसी रही, जिससे जच्चा-बच्चा दोनों की हालत बिगड़ गई।
महिला का परिवार मूलतः बहराइच के बंजारी मोड़ का रहने वाला है और फिलहाल लखनऊ के फैजुल्लागंज क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहा है। शुक्रवार दोपहर, गर्भवती महिला रहमत, अपनी सास बेबी रानी और पति हारून के साथ ऑटो से चेकअप के लिए झलकारी बाई अस्पताल निकली थी। रास्ते में अचानक रहमत को तेज दर्द हुआ और उन्होंने ऑटो में ही एक बच्चे को जन्म दे दिया।
सास बेबी रानी ने बताया, “हमें लगा सिर्फ रूटीन चेकअप है, इसलिए एम्बुलेंस की जरूरत नहीं समझी। लेकिन रास्ते में रहमत की हालत बहुत बिगड़ गई।” वहीं, पति हारून ने कहा, “हम अस्पताल से सिर्फ कुछ कदम दूर थे, लेकिन जाम ने हालत और बिगाड़ दी।”
अस्पताल गेट पहुंचने पर स्टाफ ने तत्काल चादर से ढंककर महिला को अंदर पहुंचाया और लेबर रूम में भर्ती कराया। झलकारी बाई महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजेंद्र प्रसाद के मुताबिक, “रहमत की स्थिति अब स्थिर है, लेकिन नवजात को सांस लेने में तकलीफ है और उसे ऑब्जर्वेशन वार्ड में रखा गया है।”
यह घटना न सिर्फ लखनऊ की यातायात व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि आपात स्थिति में एम्बुलेंस के महत्व को भी रेखांकित करती है। अगर समय पर मेडिकल सुविधा मिल जाती, तो मां और बच्चे की जान को इतना खतरा न होता।
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