>गोरखपुर, 21 जून -
>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद (एमपीएसपी) की किसी भी संस्था में पढ़ने वाले छात्रों की आर्थिक स्थिति उनकी शिक्षा में बाधा न बने, यह प्रत्येक संस्था प्रमुख की जिम्मेदारी है। उन्होंने परिषद की संस्थाओं से लीक से हटकर कार्य करते हुए समाज और राष्ट्र हित में परिवर्तन का वाहक बनने का आह्वान किया।
>गोरखनाथ मंदिर के सभागार में आयोजित इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में सीएम योगी ने एमपीएसपी की सभी संस्थाओं के प्रमुखों के साथ संवाद किया और भावी कार्ययोजना पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि “संस्था केवल एक औपचारिक ढांचा नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का आधार होती है।”
मुख्य बिंदु:
- विद्यार्थियों की आर्थिक स्थिति न बने बाधा
सीएम ने निर्देश दिया कि जरूरतमंद छात्रों को हरसंभव मदद मिलनी चाहिए ताकि कोई भी प्रतिभा संसाधनों की कमी से न रुके। - संस्थाओं को बनाएं युगानुकूल परिवर्तन का केंद्र
योगी ने कहा कि शिक्षा संस्थाएं केवल पठन-पाठन तक सीमित न रहें, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में सार्थक भूमिका निभाएं। - अनुशासन, समयपालन और सकारात्मक परिसर संस्कृति पर जोर
संस्थाओं में स्वच्छता, हरियाली और सौहार्दपूर्ण माहौल के लिए सभी प्रमुखों को प्रतिदिन निरीक्षण और समीक्षा के निर्देश। - शिक्षकों को मिले दायित्व, बढ़े सहभागिता
शिक्षक स्वेच्छा से अनुशासन, स्वच्छता जैसे दायित्व निभाएं, जिससे छात्रों के समक्ष सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत हो। - प्रार्थना सभा और पुस्तकालय की महत्ता
योगी ने प्रार्थना सभा को विद्यार्थियों के लिए आवश्यक बताया और समृद्ध पुस्तकालय पर विशेष बल दिया। - तकनीकी अपनाएं, करें करियर काउंसिलिंग
बदलते समय के अनुसार टेक्नोलॉजी अपनाकर छात्रों की करियर काउंसिलिंग सुनिश्चित की जाए। - 2032 में परिषद के शताब्दी वर्ष की तैयारी अभी से शुरू हो
सीएम ने कहा कि परिषद की स्थापना 1932 में हुई थी, इसलिए 2032 का शताब्दी वर्ष ऐतिहासिक हो, इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाई जाए।
>बैठक में परिषद से जुड़े कॉलेज, विद्यालय, विश्वविद्यालय और प्रशिक्षण संस्थानों के प्राचार्य, पदाधिकारी और शिक्षकगण उपस्थित रहे। इसमें महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज, एमपी पॉलिटेक्निक, गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ, एमपी महिला कॉलेज समेत परिषद की लगभग सभी प्रमुख संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद थे।
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