लखनऊ में युवक ने की आत्महत्या

Lucknow News: लखनऊ में युवक नितेश मिश्रा ने दोस्त की कथित पिटाई से आहत होकर आत्महत्या की। ट्रेन के आगे कूदने से पहले भाई को कॉल कर घटना बताई। गोमतीनगर विस्तार थाने में केस दर्ज।
News Desk 30 Dec 2025, 12:56 PM 1 min read
लखनऊ में युवक ने की आत्महत्या


>लखनऊ में एक युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, युवक अपने दोस्त द्वारा की गई कथित पिटाई से आहत था।


>पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान नितेश मिश्रा के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि नितेश की उसके दोस्त अनमोल ने मारपीट की थी, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान हो गया था। घटना के बाद नितेश ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। बताया गया है कि आत्महत्या से पहले नितेश ने अपने भाई को फोन किया था। कॉल के दौरान उसने अपने साथ हुई मारपीट की जानकारी दी थी। इसके कुछ समय बाद उसके ट्रेन से कटकर मौत की सूचना मिली।


>घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले में परिजनों की तहरीर के आधार पर थाना गोमतीनगर विस्तार में आरोपी अनमोल के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जाएगी।

← Previous Story Next Story →

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें


Related News

अलीगंज अग्निकांड के बाद केजीएमयू पहुंचे अखिलेश यादव, पीड़ित परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये की मदद की मांग
15 मौतों के बाद खुलीं पुरानी फाइलें, रिपोर्ट में सामने आए 1043 भवनों से जुड़े तथ्य
मोमबत्तियों की रोशनी में नम हुई आंखें, छात्रों की याद में निकला कैंडल मार्च
रात 3:30 बजे चीखों से टूटी लोगों की नींद, छत पर पहुंचते ही सामने था खून से लथपथ मां का चेहरा
'दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेंगे'... बलिदान दिवस पर CM योगी ने याद किया डॉ. मुखर्जी का संदेश
अब बीएसबी स्कूलों के छात्रों के रिकॉर्ड भी राष्ट्रीय व्यवस्था से जुड़ेंगे, यूपी सरकार ने तेज की बड़ी प्रक्रिया
जिस इमारत में गईं 15 जानें, अब उसी पर बुलडोजर की तैयारी? 2016 का आदेश फिर चर्चा में
लखनऊ अग्निकांड के बाद सवालों की बौछार, संसद से बुलडोजर कार्रवाई तक तेज हुई सियासत
2016 में गिराने का आदेश हुआ था, फिर 15 लोगों की जान लेने वाली इमारत कैसे बची रही?