>उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तीकरण की नई कहानी लिखी जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन शक्ति अभियान ने महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन का नया विश्वास दिया है। इसी कड़ी में चंदौली जिले के रामगढ़ गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुजाता कुशवाहा ने अपने समर्पण और मेहनत से यह साबित किया कि एक महिला पूरे समाज के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है।
>रामगढ़ गांव के आदर्श गंभीर नामक बच्चे का परिवार कुपोषण और स्वच्छता की कमी से जूझ रहा था। सुजाता ने मिशन शक्ति के उद्देश्यों के साथ लगातार संवाद किया, घर-घर जाकर पोषण और स्वच्छता के महत्व को समझाया। उन्होंने बच्चे को आंगनबाड़ी केंद्र पर लाकर वजन, लंबाई की जांच करवाई, VHND सत्र में स्वास्थ्य परीक्षण करवाया और पूरक आहार की जानकारी दी। मूंगफली पाउडर जैसी पोषण सामग्री देकर लगातार फॉलो-अप किया। परिणामस्वरूप आदर्श अब स्वस्थ, हंसमुख और खेलने योग्य हो गया।
>सुजाता का यह प्रयास केवल एक बच्चे तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने पूरे गांव में जागरूकता फैलाकर दिखा दिया कि महिलाएं समाज में परिवर्तन की वास्तविक धुरी बन सकती हैं। मिशन शक्ति महिलाओं को नेतृत्व और निर्णायक भूमिका निभाने का अवसर देता है। सुजाता जैसे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता समाज में कुपोषण जैसी समस्याओं को जड़ से खत्म करने की प्रेरणा बन रहे हैं।
>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का महिला सशक्तीकरण केवल नारा नहीं, बल्कि बदलाव का वास्तविक माध्यम बन रहा है। सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के साथ महिलाएं अब पूरे परिवार और समाज को नई दिशा देने में सक्षम हो रही हैं।
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