>लखनऊ, 24 सितंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन शक्ति अभियान ने ग्रामीण महिलाओं की जिंदगी में आत्मनिर्भरता और सम्मान का नया अध्याय जोड़ा है। देवरिया जिले की रेनू देवी इसी परिवर्तन की मिसाल हैं, जिन्होंने दूध व्यवसाय से न सिर्फ अपनी आर्थिक स्थिति बदली, बल्कि गाँव की 70 से अधिक महिलाओं को भी स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया।
>गृहिणी से ‘लखपति दीदी’ बनने तक का सफर रेनू ने उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर संस्था (MPP) की मदद से तय किया। पहले उनके पास सिर्फ 2 गायें थीं, लेकिन प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग से उन्होंने 5 गायें पालीं और अब प्रतिदिन 25 लीटर दूध का उत्पादन कर रही हैं। संस्था को आपूर्ति किए जाने वाले इस दूध से उनकी मासिक आय 44 हजार रुपये से अधिक हो गई है, जो सीधे बैंक खाते में आती है।
>रेनू देवी कहती हैं कि मिशन शक्ति ने उन्हें नया आत्मविश्वास दिया। अब वे अपने बच्चों की पढ़ाई, परिवार की जरूरतों और भविष्य की बचत के साथ गाँव की अन्य महिलाओं को भी मार्गदर्शन दे रही हैं। उनकी प्रेरणा से 69 महिलाएं दूध व्यवसाय और स्वरोजगार से जुड़कर आर्थिक आजादी की राह पर चल पड़ी हैं।
>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह पहल केवल सुरक्षा और सम्मान तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव साबित हो रही है। रेनू देवी आज पूरे गाँव की रोल मॉडल बन चुकी हैं और यह कहानी साबित करती है कि सही अवसर और सरकारी सहयोग से गाँव की महिलाएं भी सफलता के नए शिखर छू सकती हैं।
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें