>अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर लखनऊ की फिज़ाओं में एक अनोखी मिसाल देखने को मिली, जब बुर्का पहनकर कई मुस्लिम महिलाओं ने सार्वजनिक रूप से योग किया। इस पहल ने न केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को बढ़ाया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि योग किसी धर्म से नहीं, जीवनशैली और सेहत से जुड़ा अभ्यास है।
>योग सत्र के दौरान महिलाओं ने कहा “योग को हम धर्म के चश्मे से नहीं, सेहत के चश्मे से देखते हैं।”
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