>राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सेवा वितरण मूल्यांकन की 2025 रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश की डिजिटल गवर्नेंस में प्रगति का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार राज्य ने ई-सेवाओं के विस्तार और अनिवार्य सेवाओं के क्रियान्वयन में निर्धारित मानकों को पूरा किया है।
>NESDA 2025 के आंकड़ों के मुताबिक देशभर में कुल 23,934 ई-सेवाएं उपलब्ध हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश की 929 ई-सेवाएं शामिल हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि राज्य ने 59 में से सभी 59 अनिवार्य ई-सेवाओं को लागू कर दिया है। नागरिक सेवाओं में फेसलेस और समयबद्ध सेवा वितरण की व्यवस्था के तहत प्रमाण पत्र, पेंशन, छात्रवृत्ति, जन्म-मृत्यु पंजीकरण जैसी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं।
>रिपोर्ट के अनुसार निवेश मित्र और ई-डिस्ट्रिक्ट जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से राज्य की लगभग 88 प्रतिशत ई-सेवाएं एकीकृत पोर्टल पर उपलब्ध हैं। इससे नागरिकों और निवेशकों को विभिन्न सेवाओं तक एक ही मंच से पहुंच मिल रही है।
>NESDA के आंकड़ों में यह भी सामने आया है कि नवंबर 2024 में लगभग 800 रही ई-सेवाओं की संख्या नवंबर 2025 तक बढ़कर 929 हो गई। सार्वजनिक शिकायत निवारण से जुड़ी सेवाओं में भी उत्तर प्रदेश उन राज्यों में शामिल है, जिन्होंने निर्धारित मानकों को पूरा किया है। NESDA 2025 रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में ई-सेवाओं के विस्तार और सेवा वितरण प्रणाली में निरंतर प्रगति दर्ज की गई है।
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