>श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्रभु रामलला के प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह के द्वितीय वार्षिकोत्सव के अवसर पर मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अयोध्या पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उनके साथ मौजूद रहे।
>रक्षा मंत्री ने सबसे पहले हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन किया और इसके बाद श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्रभु रामलला के दर्शन किए। मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने मंदिर परिसर में स्थित मां अन्नपूर्णा मंदिर के शिखर पर धर्मध्वजा की स्थापना की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा भारत की आध्यात्मिक शक्ति की प्राण प्रतिष्ठा है।
>उन्होंने कहा, आज से दो वर्ष पूर्व प्रभु श्रीराम की पुनर्प्रतिष्ठा समस्त देशवासियों के लिए ऐतिहासिक क्षण था। उन्होंने अयोध्या को आस्था, त्याग और अखंड विश्वास की भूमि बताते हुए कहा कि राम मंदिर आंदोलन दुनिया का सबसे लंबा और अहिंसक जनआंदोलन रहा है।
>रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि सेना ने भगवान राम की मर्यादा का पालन करते हुए सीमित और उद्देश्यपूर्ण कार्रवाई की। उन्होंने कहा, गगन में जब तक चंद्र और दिवाकर विद्यमान हैं, तब तक सनातन आस्था की यह धर्मध्वजा लहराती रहे। धार्मिक अनुष्ठानों और संबोधन के साथ श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का द्वितीय वार्षिकोत्सव संपन्न हुआ।
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