>उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) द्वारा चलाई जा रही 'पीडीए पाठशाला' पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने इसे केवल परिवार केंद्रित बताया और कहा कि 'ए फॉर अखिलेश, डी फॉर डिंपल और पी फॉर परिवार' है। उनके अनुसार, इसमें पिछड़ी जातियों और अन्य समुदायों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
>राजभर ने सवाल उठाया कि आखिर प्रजापति, पाल, चौहान और अन्य पिछड़ी जातियों का क्या होगा। उन्होंने कहा, "खाली लेकर नाम नसीबों का… चूसा खून अति पिछड़ों का… अब ये नहीं चलेगा।" उन्होंने स्पष्ट किया कि सपा की पीडीए पाठशाला केवल कुछ परिवारों के हित में चल रही है और इसमें अन्य पिछड़ी और हाशिए पर रखी जातियों की उपेक्षा की जा रही है।
>दरअसल, उत्तर प्रदेश में स्कूलों के मर्जर और बंद होने के फैसलों के बाद सपा ने उन जगहों पर पीडीए पाठशाला शुरू की है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 5 अगस्त को कहा था कि उनके कार्यकर्ता बच्चों को तब तक पढ़ाते रहेंगे जब तक सरकार योग्य शिक्षकों की नियुक्ति नहीं करती। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सीएम योगी को उन स्कूलों का दौरा करना चाहिए जहां छतें गिर रही हैं और बच्चे असुरक्षित हैं।
>ओम प्रकाश राजभर के इस बयान ने सपा और बीजेपी के बीच शिक्षा और जातिगत प्रतिनिधित्व को लेकर जारी राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।
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