दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तानी गैंग्सटर शहजाद भट्टी के कथित हैंडलर रिहान को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, शहजाद भट्टी का नेटवर्क पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों तक फैला हुआ है। इससे पहले उत्तर प्रदेश एसटीएफ मेरठ, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, बागपत और बिजनौर के 23 युवकों से पूछताछ कर चुकी है, जिनके नाम शहजाद भट्टी के सोशल मीडिया नेटवर्क से जुड़े होने के दौरान सामने आए थे।
जांच में सामने आया है कि पाकिस्तानी गैंग्सटर शहजाद भट्टी और सरफराज डोगर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम और फेसबुक के माध्यम से युवाओं से संपर्क स्थापित करते थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बेरोजगार और किशोर उम्र के युवकों को अपने नेटवर्क में जोड़कर उनसे देश के महत्वपूर्ण स्थानों से जुड़े वीडियो और सूचनाएं जुटाई जाती थीं।
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एसटीएफ की कार्रवाई के दौरान मेरठ, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, बागपत और बिजनौर के कुल 23 युवकों से पूछताछ की गई थी। वहीं, वैष्णोधाम कॉलोनी के तुषार चौहान, अजीम राणा, आजाद राजपूत, सुहैल और गणेश को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। जांच एजेंसियों के अनुसार, ये युवक शहजाद भट्टी और सरफराज डोगर को देश के अलग-अलग क्षेत्रों से वीडियो बनाकर भेजते थे।
जांच में यह भी सामने आया कि सरफराज डोगर ने बिजनौर के सुहैल और गणेश गिरी को अपने नेटवर्क से जोड़ा था। वहीं, शहजाद भट्टी ने हापुड़ के अजीम राणा और मेरठ के जेई गांव निवासी आजाद राजपूत को अपने समूह में शामिल किया था। 25 अप्रैल को मेरठ के कंकरखेड़ा स्थित वैष्णोधाम कॉलोनी निवासी तुषार चौहान का नाम भी सामने आया था। बताया गया कि वह नोएडा में रहकर शहजाद भट्टी के लिए काम कर रहा था।
जांच एजेंसियों के अनुसार, पकड़े गए आरोपित मेरठ छावनी क्षेत्र, सिटी रेलवे स्टेशन और कैंट स्टेशन के वीडियो बनाकर पाकिस्तान स्थित गैंग्सटरों तक भेज चुके हैं। इन गतिविधियों की विभिन्न एजेंसियां जांच कर रही हैं। मेरठ के शास्त्रीनगर निवासी गगन प्रजापति को भी पहले गिरफ्तार किया जा चुका है। उस पर भी इन्हीं गैंग्सटरों के लिए काम करने का आरोप है।
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