>देश की शान और युवाओं के प्रेरणास्रोत बने ग्रेटर नोएडा के लाल राजेश भाटी जब वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर स्वदेश लौटे, तो इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। अमेरिका के बर्मिंघम शहर में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में उन्होंने कुश्ती के फाइनल मुकाबले में अमेरिकी पहलवान जेम्स को हराकर यह ऐतिहासिक जीत हासिल की।
>राजेश की इस उपलब्धि पर न सिर्फ उनके गांव जमालपुर, बल्कि पूरे ग्रेटर नोएडा और देशभर से बधाइयों का तांता लगा हुआ है। ढोल-नगाड़ों के बीच फूलों की बारिश और पारंपरिक नृत्यों के साथ लोग इस सुनहरी सफलता का जश्न मना रहे हैं।
>खेलों का जुनून, बचपन से ही विरासत में
>राजेश भाटी फिलहाल CISF (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) में सब-इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। खेलों के प्रति उनका रुझान बचपन से ही रहा है, जिसे उन्होंने अपने दादा, स्वर्गीय चरण सिंह पहलवान से विरासत में पाया। यह पहली बार नहीं है जब उन्होंने भारत को गौरवान्वित किया हो—वर्ष 2015 में वर्जीनिया (अमेरिका) में भी वे दो स्वर्ण पदक जीत चुके हैं।
>इसके साथ ही, ‘उत्तर प्रदेश केसरी’ जैसे प्रतिष्ठित खिताब भी उनके नाम दर्ज हैं।
>“यह जीत मेरे देश को समर्पित है”
>स्वागत समारोह के दौरान राजेश ने कहा : "यह जीत मेरे देश, गांव और परिवार को समर्पित है। मैं आगे भी भारत के लिए ऐसे ही प्रदर्शन करता रहूंगा और देश का नाम रोशन करूंगा।"
>उनकी इस जीत से युवा वर्ग में जोश और प्रेरणा की लहर दौड़ पड़ी है। राजेश आज उन लाखों युवाओं के रोल मॉडल हैं जो खेल और सेवा क्षेत्र में कुछ बड़ा करना चाहते हैं।
>राजेश भाटी की जीत: पूरे देश का गौरव
>इस ऐतिहासिक क्षण ने एक बार फिर साबित किया है कि भारतीय पुलिस बल में भी विश्वस्तरीय खेल प्रतिभाएं मौजूद हैं, जो समय आने पर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश की शान बन जाती हैं।
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