>संभल हिंसा पर बनी तीन सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट जैसे ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी गई, प्रदेश की सियासत गरमा गई। इस रिपोर्ट को लेकर समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा और सरकार को कटघरे में खड़ा किया।
>डिंपल यादव ने कहा कि भाजपा हर गंभीर मुद्दे से जनता का ध्यान भटकाने की रणनीति अपनाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बार भी वही हुआ है और संभल हिंसा की आड़ में असली सवालों को दबाने की कोशिश की जा रही है।
>एएनआई से बातचीत में डिंपल यादव ने कहा, “जब भी कोई विशेष मुद्दा सामने आता है, भाजपा और उसका गुट किसी न किसी बहाने जनता के बीच भ्रम फैलाकर असल मुद्दों से ध्यान भटकाते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा लोकतंत्र और संविधान को कमजोर करने के लिए सभी संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है।
>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के मुद्दे पर डिंपल यादव ने विदेश नीति को पूरी तरह नाकाम बताते हुए भाजपा सरकार पर करारा वार किया। उन्होंने कहा कि इससे भारत की छवि और अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ेगा। हैंडीक्राफ्ट्स से लेकर रोजगार तक, हर क्षेत्र पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
>डिंपल यादव ने वोट चोरी के मुद्दे पर कहा कि संसद में विपक्ष लगातार इस पर चर्चा की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार जानबूझकर इसे टाल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासन और प्रशासन के दुरुपयोग से वोट घटाने-बढ़ाने का खेल खेल रही है, जिससे लोकतंत्र की नींव हिल रही है।
>उन्होंने आगे कहा कि कई गांवों में लोग खुद बताते हैं कि वे वोट डालते तो हैं, लेकिन उनका वोट कहां गया, इसका पता नहीं चलता। यही वजह है कि जनता का विश्वास लोकतंत्र से उठता जा रहा है।
>डिंपल यादव ने चुनाव आयोग को भी कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद आयोग कोई जवाब नहीं देता। “80 लाख मतदाताओं के नाम लिस्ट से गायब होना गहरी साज़िश की ओर इशारा करता है,” उन्होंने कहा।
>डिंपल यादव के इन बयानों से साफ है कि समाजवादी पार्टी संभल हिंसा रिपोर्ट को लेकर भाजपा पर आक्रामक रुख अपनाने के मूड में है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा यूपी की राजनीति में बड़ा सियासी हथियार बन सकता है।
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें