शुभेंदु अधिकारी के पीए हत्याकांड की जांच यूपी तक पहुंची, संदिग्ध कार के तार उत्तर प्रदेश से जुड़े

बंगाल SIT ने उत्तर प्रदेश में कई लोगों से की पूछताछ, सुपारी किलर एंगल पर भी जांच तेज।
Bureau 09 May 2026, 11:30 AM 1 min read
शुभेंदु अधिकारी के पीए हत्याकांड की जांच यूपी तक पहुंची, संदिग्ध कार के तार उत्तर प्रदेश से जुड़े

 

पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सचिव चन्द्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच अब उत्तर प्रदेश तक पहुंच गई है। बंगाल पुलिस की एसआईटी ने मामले में संभावित यूपी कनेक्शन सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश में जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि हत्या के दौरान जिस संदिग्ध वाहन ने चन्द्रनाथ रथ की कार को रोका था, उसके तार उत्तर प्रदेश से जुड़े होने की आशंका है।

 

सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियों को संदिग्ध कार की नंबर प्लेट और उससे जुड़े ऑनलाइन लेनदेन से कुछ अहम सुराग मिले हैं। बताया जा रहा है कि इस वाहन की बिक्री का विज्ञापन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर डाला गया था, जिसके बाद उत्तर प्रदेश से कुछ लोगों ने वाहन खरीदने के लिए संपर्क किया था। इसी आधार पर बंगाल एसआईटी की टीम उत्तर प्रदेश पहुंची और कई संदिग्धों से पूछताछ की गई।

 

जांच एजेंसियां अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच कर रही हैं। हालांकि अब तक पुलिस को कोई ठोस और निर्णायक सबूत हाथ नहीं लगा है, लेकिन जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।

 

इस हत्याकांड में पेशेवर शूटर या सुपारी किलर के शामिल होने की आशंका भी जताई जा रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि हमलावरों ने वारदात को जिस तरीके से अंजाम दिया, उससे संगठित अपराध गिरोह की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता। आशंका यह भी है कि शूटर पश्चिम बंगाल या उससे सटे सीमावर्ती राज्यों से जुड़े हो सकते हैं। इसी कड़ी में एसआईटी ने उत्तर प्रदेश में सक्रिय सुपारी किलरों और अपराधियों के रिकॉर्ड भी खंगाले हैं।

 

मामले की गंभीरता को देखते हुए सात सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया गया है। पुलिस को शक है कि इस पूरी साजिश में करीब आठ लोग शामिल हो सकते हैं। इनमें दो शार्प शूटर बताए जा रहे हैं, जबकि अन्य लोगों की भूमिका कोलकाता में ठहरने, रेकी करने और घटना के बाद फरार होने में मदद पहुंचाने की हो सकती है।

 

जांच टीम घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। पुलिस तकनीकी और फोरेंसिक साक्ष्यों के जरिए आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

 

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की बड़ी चुनावी जीत के बाद 6 मई को नॉर्थ परगना इलाके में अज्ञात हमलावरों ने चन्द्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हमले में चन्द्रनाथ रथ की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि उनका ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया था। घायल चालक का अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना के बाद राज्य की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।

← Previous Story Next Story →

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें


Related News

अलीगंज अग्निकांड के बाद केजीएमयू पहुंचे अखिलेश यादव, पीड़ित परिवारों के लिए एक करोड़ रुपये की मदद की मांग
15 मौतों के बाद खुलीं पुरानी फाइलें, रिपोर्ट में सामने आए 1043 भवनों से जुड़े तथ्य
मोमबत्तियों की रोशनी में नम हुई आंखें, छात्रों की याद में निकला कैंडल मार्च
रात 3:30 बजे चीखों से टूटी लोगों की नींद, छत पर पहुंचते ही सामने था खून से लथपथ मां का चेहरा
'दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेंगे'... बलिदान दिवस पर CM योगी ने याद किया डॉ. मुखर्जी का संदेश
अब बीएसबी स्कूलों के छात्रों के रिकॉर्ड भी राष्ट्रीय व्यवस्था से जुड़ेंगे, यूपी सरकार ने तेज की बड़ी प्रक्रिया
जिस इमारत में गईं 15 जानें, अब उसी पर बुलडोजर की तैयारी? 2016 का आदेश फिर चर्चा में
लखनऊ अग्निकांड के बाद सवालों की बौछार, संसद से बुलडोजर कार्रवाई तक तेज हुई सियासत
2016 में गिराने का आदेश हुआ था, फिर 15 लोगों की जान लेने वाली इमारत कैसे बची रही?