विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर समाजवादी पार्टी ने साइकिलिंग, साइकिल ट्रैक और बाइसिकल हाईवे परियोजनाओं को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एवं पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के कार्यकाल की विभिन्न पहलों का उल्लेख किया। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी द्वारा जारी बयान में कहा गया कि बदलते वैश्विक परिवेश में साइकिलिंग सतत विकास, स्वस्थ जीवनशैली और प्रदूषण नियंत्रण का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभरी है।
राजेंद्र चौधरी ने कहा कि दुनिया के कई देशों में साइकिलिंग को हरित परिवहन के रूप में बढ़ावा दिया जा रहा है। उनके अनुसार, उत्तर प्रदेश में भी इस दिशा में साइकिल ट्रैक और बाइसिकल हाईवे जैसी परियोजनाएं शुरू की गई थीं, जिनका उद्देश्य पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को प्रोत्साहित करना था।
राजेंद्र चौधरी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और ऊर्जा संकट जैसी चुनौतियों के बीच साइकिलिंग को एक प्रभावी विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। सपा का दावा है कि साइकिलिंग से प्रदूषण में कमी लाने और शहरी यातायात के दबाव को कम करने में मदद मिल सकती है।
पार्टी के अनुसार वर्ष 2012 से 2017 के दौरान उत्तर प्रदेश में साइकिलिंग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न परियोजनाएं शुरू की गई थीं। बयान के अनुसार, लखनऊ और नोएडा सहित कई शहरों में साइकिल ट्रैक विकसित किए गए थे। सपा ने दावा किया कि लखनऊ में लगभग 35 किलोमीटर लंबा साइकिल ट्रैक शुरू किया गया था, जबकि बाद में अतिरिक्त ट्रैक भी विकसित किए गए। इन परियोजनाओं का उद्देश्य साइकिल चालकों के लिए सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराना बताया गया।
राजेंद्र चौधरी ने आगरा-इटावा के बीच विकसित किए गए "ग्रीन पथ" का भी उल्लेख किया। पार्टी के अनुसार यह परियोजना देश की पहली लंबी दूरी की बाइसिकल हाईवे परियोजनाओं में शामिल रही है, जो आगरा के ताजमहल क्षेत्र को इटावा के लायन सफारी क्षेत्र से जोड़ती है।
समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 के बाद सत्ता परिवर्तन के पश्चात साइकिल ट्रैक परियोजनाओं को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिली। हालांकि इस संबंध में भाजपा की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी।
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें